US-Cuba Conflict: वेनेज़ुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद से ही अमेरिका और क्यूबा के बीच भी तनाव बढ़ गया। इसी बीच अब क्यूबा के डिप्टी विदेश मंत्री ने संभावित अमेरिकी हमले के बारे में बड़ा बयान दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका (United States of America) ने क्यूबा (Cuba) पर मैक्सिमम प्रेशर की नीति अपनाई है। जनवरी 2026 में वेनेज़ुएला (Venezuela) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका और क्यूबा में तनाव भी बढ़ गया। इसके बाद ट्रंप ने क्यूबा को वेनेज़ुएला से मिलने वाले तेल की सप्लाई रोक दी, जिससे क्यूबा में भयंकर ईंधन संकट, लंबे ब्लैकआउट, खाद्य कमी और आर्थिक संकट छा गया। ट्रंप क्यूबा पर हमले का संकेत भी दे चुके हैं, जिससे स्थिति काफी गंभीर हो गई है। इसी बीच क्यूबा के डिप्टी विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडेज़ डी कोसियो (Carlos Fernandez de Cossio) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के पास क्यूबा पर हमले का आधार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ऐसा किया तो यह मौत और विनाश का कारण बनेगा।
अमेरिकी मैगज़ीन पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के जवाब में कोसियो ने सोशल मीडिया पर लिखा, "अमेरिकी पत्रिका पॉलिटिको क्यूबा के खिलाफ युद्ध भड़काने का काम जारी रखे हुए है। यह दावा करती है कि सब कुछ तैयार है और सिर्फ ट्रंप की मंजूरी बाकी है। क्या हत्या, अंग-भंग, विनाश और पीड़ा पहुंचाने के साथ-साथ अपने ही लोगों की जान गंवाने के निश्चित खतरे को जायज ठहराने के लिए पर्याप्त मकसद नहीं है?"
पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन क्यूबा पर हमला करने के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए सैनिकों की तैनाती के साथ ही हथियारों को भी तैयार किया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स क्यूबा के पास तैनात की जा रही है और इस क्षेत्र में विमानवाहक युद्धपोत, डिस्ट्रॉयर्स और फाइटर जेट्स एक्टिव हैं। इंटरनेशनल मीडिया ने हाल ही में क्यूबा के पास अमेरिकी निगरानी और खुफिया उड़ानों में बढ़ोत्तरी की भी सूचना दी है।
क्यूबा की अन्य डिप्टी विदेश मंत्री जोसेफिना विडाल (Josefina Vidal) के अनुसार उनके देश के खिलाफ अमेरिकी हमले का खतरा हर दिन बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से क्यूबा के खिलाफ एयरस्ट्राइक्स के साथ ही ग्राउंड ऑपरेशन भी किया जा सकता है और इन दोनों ऑप्शंस के लिए अमेरिकी सेना तैयार है।