
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की। (फोटो: X Handle Lev.)
रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की के फैसले ने देश में नया सियासी संकट खड़ा कर दिया है। रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को हटाए जाने के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
लोग चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं - 'शर्म करो! रूस वाले खुश हो रहे हैं।' बता दें कि युद्धकाल के बीच जेलेंस्की का यह दूसरा बड़ा कैबिनेट फेरबदल है, लेकिन इस बार विवाद इतना बढ़ गया कि पूरा देश बंटा नजर आ रहा है।
35 साल के टेक एक्सपर्ट फेदोरोव ने रक्षा मंत्रालय में बड़े बदलाव लाने की कोशिश की थी। ड्रोन युद्ध को बढ़ावा, ब्यूरोक्रेसी कम करना और रूसी सेना को थकाने वाली रणनीति- ये उनके काम थे। लेकिन आर्मी चीफ जनरल ओलेक्जेंडर सिरस्की पर भी उन्होंने सीधा हमला बोल दिया। यहीं से दोनों का विवाद शुरू हो गया
फेदोरोव ने कहा- रूस को हराने की जगह आर्मी चीफ ने देश को बांटने का तरीका ढूंढ लिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैजुअल टी-शर्ट और जींस में आकर खुलकर बात की।
आर्मी चीफ सिरस्की ने फेदोरोव को कड़ा जवाब दिया। जिसके बाद दोनों के बीच यह खींचतान अब सार्वजनिक हो गई है। भारी विवाद के बाद जेलेंस्की को एक्शन लेना पड़ा।
जेलेंस्की ने कहा कि वे अभी नया मंत्री तय कर रहे हैं। गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको एक नाम है, लेकिन आखिरी फैसला नहीं हुआ। राष्ट्रपति ने कहा- युद्ध में राष्ट्रपति को किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए। मुझे एकता चाहिए थी, लेकिन दोनों पक्ष इसे नहीं बना पाए।
कीव के राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर एक हजार से ज्यादा लोग जमा हुए। प्लेकार्ड पर लिखा था- ऐसा क्यों किया? किसी चीज को अपग्रेड चाहिए, डाउनग्रेड नहीं।
कई लोग कह रहे थे कि फेदोरोव आधुनिक और नतीजे देने वाले नेता थे। ड्रोन युद्ध के बड़े कमांडर पावलो येलिजारोव ने इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने फेदोरोव की बर्खास्तगी को यूक्रेन की रक्षा के लिए बड़ा नुकसान बताया। उधर, सिरस्की की सख्त कमान शैली की वजह से सैनिकों में नाराजगी पहले से थी। कुछ कहते हैं कि इससे सैनिकों के नुकसान ज्यादा हो रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय की कमान अब एनर्जी एक्जीक्यूटिव सर्गेई कोरेट्स्की को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य काम होगा- सेना को हर तरह के ड्रोन मुहैया कराना, डिफेंस सेक्टर को बढ़ाना और सर्दियों में रूसी मिसाइल हमलों से बिजली ग्रिड बचाना।
उधर, फेदोरोव ने जेलेंस्की के सलाहकार बनने का ऑफर ठुकरा दिया। वे पहले डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री रह चुके हैं और भ्रष्टाचार रोधी कदमों की वजह से कुछ पुराने लोगों से टकराव भी हुआ था।
Updated on:
16 Jul 2026 08:47 pm
Published on:
16 Jul 2026 07:12 pm
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