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भारत समेत 54 देशों पर अमेरिका लगा सकता है 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ

US tariff on India: अमेरिका भारत समेत 54 देशों से होने वाले आयात पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। यह प्रस्ताव अमेरिकी व्यापार नीति और जबरन मजदूरी से जुड़े आयात को लेकर उठाई गई चिंताओं के बीच सामने आया है।
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Updated: 3 Jun 2026, 11:04 PM IST
US President Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दिया बयान (Photo-ANI)

India-US Trade tarrif: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर मुंबई में बुधवार को कहा कि समझौता लगभग तय हो चुका है और हम 99 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। एक प्रतिशत पर काम चल रहा है, लेकिन इस बीच अमेरिका के एक बार फिर भारत को टैरिफ का झटका देने की खबर आई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय ने भारत, चीन, जापान समेत 54 देशों से होने वाले इंपोर्ट पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। फिलहाल भारतीय उत्पादों पर 10 फीसदी बेसलाइन टैरिफ है। अतिरिक्त टैरिफ लगाया तो यह बढ़कर 22.5 प्रतिशत हो जाएगा।

यूएसटीआर ने यह फैसला ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत लिया गया है। अमेरिका का मानना है कि इन अहम व्यापारिक साझेदारों की ओर से जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर रोक न लगाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इससे अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर एक असमान बाजार में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। जिसे अमरीका बर्दाश्त नहीं करेगा। इस संबंध में यूएसटीआर ने 12 मार्च, 2026 को 60 देशों से होने वाले अमरीका के कुल 99.4 प्रतिशत आयात के मामले में अलग-अलग जांच शुरू की थी।

रूसी तेल खरीद पर छूट जल्द होगी खत्म

वहीं, अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है मंगलवार को सीनेट की उपसमिति के सामने कहा कि अमरीका जल्द रूसी तेल पर दी गई छूट को खत्म कर देगा। ईरान युद्ध के कारण अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए रूसी तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों को दो बार हटाया है। इससे भारत समेत कई देशों ने रूसी तेल की खरीद बढ़ाई है।

अमेरिका से संवाद बनाए हुए है…

वहीं यूएसटीआर ने भारत के संबंध में कहा है कि भारत की नीतियां अमरीकी वाणिज्य को बाधित करती हैं। भारत 12.5 प्रतिशत टैरिफ रेट वाली श्रेणी में शामिल है। वहीं भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने इस बाबत कहा है कि भारत सेक्शन-301 की कार्यवाही को लेकर अमरीका के साथ संवाद बनाए हुए है।

यहां आपको बता दें कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत लगभग डेढ़ साल से चल रही है, जबकि यूरोपीय संघ के भारत के साथ व्यापार समझौते में लगभग 19 साल लगे थे।

Updated on:
3 Jun 2026, 11:04 PM IST
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