विदेश

अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला, डील होने से पहले ही दागीं मिसाइलें

Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही डील हो सकती है जिसके बारे में आखिरी चरण की बातचीत चल रही है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर हमला कर दिया है।
2 min read
May 28, 2026
US missile attack in Iran
अमेरिका ने फिर दागीं ईरान पर मिसाइलें (File Photo)

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच जल्द ही डील होने की उम्मीद जताई जा रही है। ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिका ने ईरान को इस डील के लिए ज़रूरी MoU भेज दिया है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। इसमें डील से जुड़ी सभी शर्तें शामिल हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत आखिरी चरण में है। इसी बीच अमेरिकी सेना (US Military) ने एक बार फिर ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं।

डील होने से पहले ही दागीं मिसाइलें

बुधवार को देर रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक कर दी और कई मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने इस हमले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मिसाइलें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास उस जगह पर दागीं गईं जिसके बारे में माना जाता है कि वो होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना और वाणिज्यिक समुद्री जहाजों के यातायात के लिए खतरा पैदा करता है।

ईरान ने दागे ड्रोन्स

अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने जानकारी दी कि ईरान ने इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट में कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर 4 ड्रोन्स दागे। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन ड्रोन्स को मार गिराया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर मिसाइल अटैक किया।

क्या सीज़फायर पर पड़ेगा असर?

अमेरिका ने सोमवार को भी ईरान पर हमला किया था। इस दौरान ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइन्स बिछाने वाली बोट्स को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक्स की गईं। हालांकि अभी भी दोनों देशों के बीच सीज़फायर जारी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दोनों देशों की तरफ से पहले भी सीज़फायर का उल्लंघन किया जा चुका है, लेकिन वो फिर से युद्ध में नहीं बदला। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार फिर गए अमेरिकी हमलों की वजह से सीज़फायर पर असर नहीं पड़ेगा और जल्द से जल्द ईरान और अमेरिका के बीच डील हो सकती है जिससे युद्ध का स्थायी अंत हो सकेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी साफ कर दिया है कि ईरान के पास इस डील को स्वीकार करने के अलावा और ऑप्शन नहीं है।

मिडटर्म चुनावों की नहीं है परवाह

ट्रंप यह साफ कर चुके हैं कि वह किसी डील के लिए जल्दबाजी में तैयार नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें मिडटर्म चुनावों की परवाह नहीं है और इस वजह से उनकी युद्ध रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।