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Russia-Ukraine Peace Talks: रूस-यूक्रेन कहां खड़े हैं, डोनाल्ड ट्रंप के पास क्या विकल्प?

Donald Trump Peace Plan for Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में पुतिन और जेलेंस्की के रुख में क्या अंतर है? जानें डोनाल्ड ट्रंप की पहल, रूस की मांगें और यूक्रेन की स्थिति।
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Sep 06, 2026
Russia-Ukraine War Update.
व्लादिमीर पुतिन, वोलोदिमीर जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिश एक बार फिर तेज हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने शनिवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तीन घंटे से ज्यादा बातचीत की। क्रेमलिन ने इसे बेहद उपयोगी बताया, लेकिन बैठक के बाद किसी ठोस समझौते या बड़े ब्रेकथ्रू की घोषणा नहीं हुई। अब दोनों अमेरिकी दूत यूक्रेन की राजधानी कीव जाकर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत करने वाले हैं। ऐसे में सवाल है कि शांति वार्ता पर रूस और यूक्रेन कहां खड़े हैं? डोनाल्ड ट्रंप के पास दोनों पक्षों को समझौते की मेज पर लाने के लिए क्या विकल्प हैं?

पुतिन का रुख क्या है?

मॉस्को का रुख अभी भी उसकी मूल मांगों के आसपास ही है। क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने अमेरिकी दूतों से कहा कि रूस युद्ध के मैदान में वास्तविक प्रगति कर रहा है और अपने लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने संघर्ष के 'मूल कारणों’ को दूर करने की जरूरत पर भी जोर दिया। रूस की प्रमुख मांगों में यूक्रेन से उन चार क्षेत्रों पर दावा छोड़ना शामिल है, जिन पर मॉस्को अपना अधिकार जताता है। इसके अलावा रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो में शामिल होने की अपनी कोशिश छोड़ दे। क्रेमलिन ने इन मांगों को अपनी मौजूदा स्थिति का अहम हिस्सा बताया है।

जेलेंस्की की स्थिति क्या है?

यूक्रेन के लिए सबसे बड़ा सवाल अपनी जमीन छोड़ने का है। कीव रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को औपचारिक रूप से रूस को सौंपने वाले समझौते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। यही क्षेत्रीय मुद्दा दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ी अड़चनों में से एक है। यानी रूस जहां क्षेत्रीय और सुरक्षा संबंधी मांगों को बातचीत का हिस्सा बना रहा है, वहीं यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं दिखता। इस बुनियादी अंतर के रहते व्यापक शांति समझौता आसान नहीं है।

ट्रंप के पास क्या विकल्प हैं?

ट्रंप के पास फिलहाल सबसे व्यावहारिक रास्ता चरणबद्ध बातचीत का है। विटकॉफ और कुशनर मॉस्को में पुतिन से बातचीत के बाद अब कीव जा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके पास युद्ध खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

एक सीमित सकारात्मक संकेत भी मिला है। पुतिन ने अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान कीव पर हमलों में 72 घंटे की रोक का आदेश दिया है। यूक्रेन की ओर से भी मॉस्को पर हमले रोकने की बात कही गई है। हालांकि, इसे व्यापक या स्थायी युद्धविराम नहीं माना जा सकता। इसी दौरान रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमले जारी रहने की खबरें भी सामने आई हैं।

ऐसे में ट्रंप के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों पक्षों के बीच न्यूनतम साझा आधार तैयार करना है। पहले सीमित युद्धविराम, फिर मानवीय मुद्दों और सुरक्षा व्यवस्था पर सहमति और उसके बाद क्षेत्रीय विवाद पर बातचीत आगे बढ़ाना एक संभावित रास्ता हो सकता है। फिलहाल मॉस्को की बातचीत ने संवाद का रास्ता जरूर खुला रखा है, लेकिन पुतिन और जेलेंस्की के रुख में मौजूद बुनियादी अंतर अब भी कायम है। इसलिए अमेरिकी पहल की असली परीक्षा अब कीव में होने वाली बातचीत में होगी।

Updated on:
06 Sept 2026 10:43 am
Published on:
06 Sept 2026 10:43 am