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Indonesia Volcano Eruption: अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी फटा, जकार्ता एयरपोर्ट पर 209 उड़ानें प्रभावित

Anak Krakatau Eruption: इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ के ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख के कारण जकार्ता एयरपोर्ट पर 209 उड़ानें प्रभावित हुईं।
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Anak Krakatau volcano erupts in Indonesia.

इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ के विस्फोट से निकली ज्वालामुखीय राख ने जकार्ता के मुख्य हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित किया। (Photo Credit- IANS)

Anak Krakatau Volcano Eruption: इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ के ज्वालामुखी में शुक्रवार देर रात से लगातार विस्फोट हो रहे हैं। ज्वालामुखी से निकली राख के कारण रविवार को जकार्ता के मुख्य हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह तक उड़ानें रोक दी गईं। इसका असर 209 उड़ानों पर पड़ा है। इनमें कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल हैं।

उड़ानें क्यों हुई प्रभावित?

सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया इंस्टाग्रााम पर बताया कि ज्वालामुखीय राख के कारण उड़ान संचालन स्थानीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे तक निलंबित किया गया। इससे पहले उड़ानें सुबह 5:30 बजे तक रोकने की योजना थी। इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, उड़ानों के संचालन पर रोक बढ़ाए जाने से कुल 209 फ्लाइट प्रभावित हुई हैं।

50 हजार फीट तक पहुंचा राख का गुबार

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी BMKG के मुताबिक, ज्वालामुखी से निकली राख जावा की तरफ करीब 20 हजार फीट यानी 6 हजार मीटर की ऊंचाई तक पहुंची। वहीं, सुमात्रा की तरफ और जावा के बैंटन प्रांत के कुछ हिस्सों में राख व धुएं का गुबार 50 हजार फीट यानी करीब 15 हजार मीटर तक पहुंच गया। आपको बता दें कि अनाक क्राकाटाऊ जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित है। यह इलाका प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है। यहां भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम हैं।

स्कूलों की गतिविधियां रद्द, मछुआरे भी नहीं निकले

ज्वालामुखी की राख का असर स्थानीय लोगों पर भी पड़ा है। शनिवार को कई स्कूलों ने अपनी गतिविधियां रद्द कर दीं। छात्रों और स्थानीय लोगों को आंखों में जलन की शिकायत हुई। राख के कारण मछुआरों ने भी समुद्र से दूरी बनाई। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों से शांत रहने और सतर्कता बढ़ाने की अपील की है। एजेंसी ने राख गिरने की स्थिति में मास्क और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनने की सलाह दी है। लोगों से बाहर की गतिविधियां कम करने, पानी के स्रोतों को ढकने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।

फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं

आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को कहा कि ज्वालामुखी के कारण फिलहाल तत्काल सुनामी का खतरा नहीं है। हालांकि, अनाक क्राकाटाऊ का इतिहास गंभीर रहा है। वर्ष 2018 में इसके विस्फोट के बाद आई सुनामी ने जावा और सुमात्रा में सैकड़ों लोगों की जान ले ली थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।