
US sanctions On North Korea: अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया के एक नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है। अमेरिकी सरकार ने इस नेटवर्क पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। दरअसल, अमेरिका में नौकरी हासिल करने के नाम पर धोखाधड़ी कर कमाई करने और उस पैसे से हथियारों का कार्यक्रम चलाने के आरोप में यह कार्रवाई हुई।
आरोप लगाया गया है कि उत्तर कोरिया अपने IT कर्मचारियों को अमेरिका और दूसरे देशों की कंपनियों में गलत तरीके से नौकरी हासिल करवाता है। इसके बाद कर्मचारियों की कमाई का बड़ा हिस्सा उत्तर कोरिया की सरकार तक पहुंचता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।
अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, उत्तर कोरिया सरकार से जुड़े इस नेटवर्क के कर्मचारी अमेरिका और दूसरे देशों की कंपनियों में धोखाधड़ी से नौकरी हासिल करते थे। इन नौकरियों से मिलने वाली तनख्वाह का ज्यादातर हिस्सा उत्तर कोरिया की सरकार ले लेती थी। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल बड़े स्तर पर तबाही मचाने वाले हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइलों के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने बताया कि प्रतिबंधों के दायरे में उत्तर कोरिया और रूस में मौजूद IT कर्मचारी और उनकी मदद करने वाले लोग शामिल हैं। कार्रवाई के तहत फर्स्ट फाइनेंशियल एंड टेक्निकल डेवलपमेंट सेंटर नाम की संस्था को भी निशाना बनाया गया है। प्रतिबंध लगाए गए छह लोग इस संस्था से जुड़े हुए हैं।
अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि ऐसे नेटवर्क से निपटने के लिए कई देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है। विभाग के मुताबिक, इसी महीने ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ ने भी उत्तर कोरिया से जुड़े मामलों में प्रतिबंध लगाए हैं। इससे पहले मार्च में भी अमेरिका ने उत्तर कोरिया के IT कर्मचारियों से जुड़े एक दूसरे नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए थे।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच 2018 और 2019 में कई बैठकें हुई थीं, लेकिन परमाणु हथियार छोड़ने की शर्त पर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।