
Middle East-US Alert: अमेरिका ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अमेरिकी प्रशासन ने लोगों से कहा कि इलाके में सुरक्षा हालात फिर से बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ऐसे समय में अलर्ट जारी किया है, जब ईरान पर संभावित अमेरिकी हमलों की अटकलें चल रही हैं और अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए अर्ली वोटिंग भी शुरू हो गई है।
ओमान स्थित अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी जारी की कि ईरान समर्थित समूह इलाके में तेजी से हिंसा फैला सकते हैं। दूतावास ने अमेरिकी लोगों से हवाई अड्डों और विमानन कंपनियों की उड़ानों पर नजर रखने को भी कहा है। दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को जटिल सुरक्षा माहौल को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। यात्रियों को उड़ानें रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावट की आशंका को लेकर भी सावधान रहने को कहा गया है। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान और उसके समर्थक समूह विदेशों में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिका से जुड़े स्थान, अमेरिकी नागरिक, कारोबार और अन्य संस्थान शामिल हो सकते हैं।
अमेरिकी मीडिया समूह CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले के विकल्प तैयार किए हैं। इनमें GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) के संभावित इस्तेमाल का विकल्प भी शामिल है, जिसे "मदर ऑफ ऑल बम्स" कहा जाता है।
इधर, इजरायल में होने वाले विधायी चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपना समर्थन जताया है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर नेतन्याहू को महान योद्धा प्रधानमंत्री और शांति का साझेदार बताया। इधर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल आग से खेलना चाहते हैं तो तेहरान इसके लिए तैयार है।
वहीं, सऊदी अरब पर हूतियों के हमले को लेकर भी अमेरिकी प्रशासन ने एडवाइजरी की है। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन फिलहाल बंद है। जेद्दा के किंग अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें देरी से संचालित हो रही हैं। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के हवाई अड्डे से यात्रा करने पर रोक लगाई है। दूतावास ने कहा कि सऊदी अरब में काम करने वाले अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को देश के हवाई अड्डों पर हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए चीफ ऑफ मिशन से विशेष अनुमति लेनी होगी।