
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Photo- ANI)
Russia-Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के इरादों पर सवाल उठाते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की बिना वजह युद्ध को लंबा खींच रहे हैं। उन्हें यूरोपीय देशों से मिल रही आर्थिक मदद और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के दौरान मिले समर्थन से बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह रूस के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने और बंधकों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे रूस बातचीत की मेज से हट जाए।
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने रूस के खिलाफ तुरंत नए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने या कड़े कदम उठाने से परहेज क्यों किया है। इस समय दोनों देशों के बीच शांति बहाली और बंधकों की अदला-बदली को लेकर अहम बातचीत चल रही है, जिसमें सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है। ऐसे में किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से रूस के बातचीत से पीछे हटने का खतरा पैदा हो सकता है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समय ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक की उतनी मदद नहीं कर रहा है जितनी वह कर सकता था, और वे इस भू-राजनीतिक समीकरण को इसी तरह संतुलित बनाए रखना चाहते हैं।
जेलेंस्की की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी सेना जानबूझकर रूस की डीजल रिफाइनरियों को निशाना बना रही है। उन्हें अच्छी तरह पता है कि इन हमलों से वैश्विक डीजल बाजार को भारी नुकसान हो रहा है, जिसका सीधा असर अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और विभिन्न प्रकार के व्यवसायों पर पड़ रहा है।
ट्रंप ने बताया कि इन हमलों के बावजूद, रूस दुनिया भर में बहुत कम कीमतों पर लाखों बैरल डीजल की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेलेंस्की को इन वैश्विक परिणामों की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि उन्हें युद्ध खत्म करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यह संघर्ष यूरोपीय देशों और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन से मिली आर्थिक मदद के कारण जारी है।
ट्रंप ने कहा कि ज़ेलेंस्की दो साल पहले एक बेहतर शांति समझौता कर सकते थे, लेकिन उन्होंने वह मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अब पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है, अब उसका अपने बड़े इलाकों पर कोई नियंत्रण नहीं है, समुद्रों और तटीय क्षेत्रों पर भी उसका कब्जा नहीं रहा और वहां की पुरुष आबादी का एक बड़ा हिस्सा या तो मारा जा चुका है या बुरी तरह घायल हो गया है। अंत में, ट्रंप ने साफ कर दिया कि वे चाहते हैं कि यह संघर्ष खत्म हो, चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े।
Updated on:
19 Oct 2026 08:14 am
Published on:
19 Oct 2026 08:14 am
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