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क्या ईरान के खिलाफ खत्म होगा युद्ध? मिडटर्म चुनाव में जीत के बाद अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कह दी बड़ी बात

Iran-US War: अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में जीत के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने ईरान के खिलाफ युद्ध पर बड़ी बात कह दी है।
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Updated: 5 Nov 2026, 3:32 PM IST
Chuck Schumer
चक शूमर (Photo - ANI)

अमेरिका (United States of America) में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव (Midterm Election) के परिणाम सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार जीत हासिल करते हुए अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेटेटिव्स और सीनेट दोनों में ही बहुमत हासिल कर लिया है। डेमोक्रेट्स इस जीत को 'अमेरिका की वापसी' बता रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की यह हार ट्रंप की भी बड़ी हार है। ट्रंप ही नहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान के खिलाफ युद्ध (War Against Iran) को बड़ी वजह बताया है। ईरान के खिलाफ युद्ध के मामले में अब अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर (Chuck Schumer) ने बड़ी बात कह दी है।

ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने की कही बात

शूमर ने मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा, "हम युद्ध खत्म करने जा रहे हैं। हमारे साथ पहले से ही कुछ रिपब्लिकन नेता भी जुड़ चुके हैं जो युद्ध को खत्म करने में हमारा साथ दे रहे हैं। अमेरिका के संस्थापकों ने 'पावर ऑफ द पर्स' (धन पर नियंत्रण की शक्ति) का प्रावधान रखा था, जिससे अगर कोई राष्ट्रपति अमेरिकी जनता की सहमति के बिना युद्ध छेड़ता है, तो उसे रोका जा सके।"

डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से बदलेगा समीकरण?

मिडटर्म चुनाव में जीत के बाद अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव और सीनेट दोनों में ही डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल हो गया है। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कमजोर पड़ गई है। ऐसे में दोनों सदनों में ईरान के खिलाफ युद्ध को खत्म करने के आदेश को पारित करने का दबाव बनाया जा सकता है। ट्रंप के पास राष्ट्रपति के तौर पर अब सिर्फ वीटो का अधिकार ही बचा है, जिससे वह किसी आदेश को रोक सकते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के पास बहुमत न होने की वजह से उन पर भी दबाव बनना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि ईरान के खिलाफ युद्ध से अमेरिका में महंगाई काफी बढ़ गई है जिससे जनता काफी नाराज़ है।

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