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अमेरिका ने फिर शुरू की एयरस्ट्राइक्स, दहल उठा ईरान

Iran-US Conflict: ईरान को दहलाते हुए अमेरिका ने एक बार फिर एयरस्ट्राइक्स शुरू कर दी है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान में कई जगह धमाके सुनाई दिए हैं।
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Jul 14, 2026
US airstrikes in Iran
अमेरिका ने ईरान में फिर शुरू की एयरस्ट्राइक्स (Photo - Video screenshot)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच एक-दूसरे पर हमले करने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। पिछले मंगलवार और बुधवार को अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) पर अमेरिकी सैन्य और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अब अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर एयरस्ट्राइक्स शुरू कर दी है। यह लगातार तीसरी रात है जब अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं। पिछली दो रात भी अमेरिकी सेना ने ईरान को दहलाया, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमले किए।

हमला करने की ईरानी क्षमता होगी कमजोर

अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अपने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरान पर एयरस्ट्राइक्स शुरू कर दी गई हैं। CENTCOM के अनुसार इन हमलों से ईरानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में निर्दोष नागरिकों और कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता कमजोर होगी।

दहल उठा ईरान, कई जगह सुनाई दिए धमाके

अमेरिकी हमलों से ईरान दहल उठा है। कई जगह धमाके सुनाई दिए हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार बंदर अब्बास और किश आइलैंड पर धमाकों की खबर सामने आई है। इसके अलावा ईरान के बुशहर प्रांत के दक्षिणी शहर जाम और केशम आइलैंड पर कई धमाकों की आवाज़ सुनी गई है। अभी और जगह हमलों की संभावना भी बनी हुई है। अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम्स एक्टिव हो गए हैं।

ट्रंप ने दी धमकी

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक रिपोर्टर के सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि आज रात अमेरिका की तरफ से ईरान पर ज़बरदस्त हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा, "हमारे पास भारी मात्रा में गोला-बारूद है और यह जारी रहेगा। देखते हैं आगे क्या होता है। लेकिन हम उनकी हमले की सभी क्षमताओं को खत्म कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल कर रहे हैं। इसके साथ ही हम फिर से नाकेबंदी लागू कर रहे हैं और यह नाकेबंदी किसी और के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ ईरान के लिए है।"