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‘सबसे कड़े प्रतिबंध’ के अमेरिकी ऐलान के बाद गालिबाफ का बयान, ईरान कर रहा सीक्रेट प्लानिंग

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ “सबसे कड़े प्रतिबंधों” की घोषणा की है,जबकि गालिबाफ ने इसके जवाब में प्रतिबंधों से निपटने की रणनीति बनाने की बात कही है।
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Aug 21, 2026
toughest sanctions on Iran
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध पर गालिबाफ बोले, निपटने की रणनीति बनानी होगी, photo credit: ANI

US Iran sanctions: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की घोषणा के बाद, संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि इन "क्रूर और सख्त प्रतिबंधों" से निपटने के लिए ईरान को एक सीक्रेट योजना बनानी होगी। उन्होंने कहा ​कि, ईरान प्रतिबंधों से निपटने के लिए सीक्रेट प्लान तैयार करने में जुटा हुआ है।गालिबाफ का यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान पर अब तक के "सबसे कड़े" प्रतिबंधों की घोषणा के बाद आया है।

अमेरिका ने ये लगाए प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, आतंकवाद के कथित समर्थन और क्षेत्रीय गतिविधियों को रोकने के लिए उसकी अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन उपायों में तेल निर्यात पर रोक, बैंकिंग प्रणाली का अलगाव और व्यापार पर कड़े प्रतिबंध शामिल हैं, जिससे ईरान को वैश्विक बाजार से अलग-थलग किया जा सके। ईरान पर आर्थिक दबाव डालने से सैन्य कार्रवाई में कमी आने की उम्मीद है।

ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर पूरी तरह रोक है। बंदरगाहों और रिफाइनरियों से जुड़े वैश्विक व्यापार को भी निशाना बनाया जाता है। ईरानी बैंकों को वैश्विक वित्तीय संदेश सेवा (SWIFT) से बाहर किया गया है। अमेरिकी वित्तीय प्रणाली में ईरान की संपत्ति और लेन-देन पर रोक है। ईरान के शिपिंग, विमानन और धातु, इस्पात जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के साथ कारोबार करने पर प्रतिबंध हैं। जो देश या विदेशी कंपनियां ईरान की मदद करेंगी या उसके साथ व्यापार जारी रखेंगी, उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।

ट्रंप ने भी दी थी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक दिन पहले ईरान के खिलाफ “अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध और अलगाव” की चेतावनी दी थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि जो देश या कंपनियां ईरान को किसी तरह की मदद या आर्थिक सहारा देंगी, उन्हें भी गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

ईरान ने कहा- यह आर्थिक आतंकवाद

ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को “आर्थिक आतंकवाद” बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस तरह का दबाव देश को अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने से पीछे नहीं हटा सकता। ईरान पर अमेरिका की आर्थिक पाबंदियां करीब पांच दशक से चली आ रही हैं और इनमें ऊर्जा, बैंकिंग और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

Updated on:
21 Aug 2026 04:43 pm
Published on:
21 Aug 2026 04:41 pm