
US Oil Control Venezuela: सोचिए, जिस देश की जमीन के नीचे दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार हो, वहां लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हों। यही कहानी वेनेजुएला की है। देश के पास 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल है। इसके बावजूद उसकी अर्थव्यवस्था लंबे समय से मुश्किल में है।
अमेरिका द्वारा निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला और अमेरिका के रिश्तों में बड़ा बदलाव आया है। इसी बदलाव के बीच 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल वाले भंडार को लेकर एक बड़ी डील सामने आई है। अमेरिका को इस साझेदारी से निकलने वाले तेल का 55 फीसदी हिस्सा मिलने की बात कही जा रही है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, वेनेजुएला में एक निजी कंपनी के साथ मिलकर तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित किया जाएगा। इस साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन में अमेरिका को 55 फीसदी हिस्सा मिलने की बात है। हालांकि, डील की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। निजी कंपनी का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आंकड़े की तुलना करें तो अमेरिका के पास करीब 46 अरब बैरल तेल भंडार है। वहीं भारत हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। यानी 65 अरब बैरल भारत के करीब 40 साल के तेल आयात के बराबर है।
वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार माना जाता है। फिर भी देश इसका पूरा फायदा नहीं उठा पा रहा है। सरकारी तेल कंपनी की कमजोरी, निवेश की कमी और आर्थिक संकट ने तेल उद्योग को नुकसान पहुंचाया। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर भी पड़ा। यानी तेल जमीन के नीचे बहुत है। लेकिन उसे निकालने और बाजार तक पहुंचाने की क्षमता कमजोर है।
अब वेनेजुएला 17 तेल क्षेत्रों को फिर से विकसित करने की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के मुताबिक, इसके लिए 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया जा सकता है। उनका दावा है कि इससे सरकार को भविष्य में करीब 209 अरब डॉलर टैक्स मिल सकता है।
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बड़ा बदलाव आया। इसके बाद कार्यकारी प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिग्ज के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी। वेनेजुएला ने तेल उद्योग के नियमों में बदलाव किए। विदेशी कंपनियों को ज्यादा अधिकार देने का रास्ता खुला। इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए निवेश और उत्पादन बढ़ाने की संभावना भी बढ़ी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। वहीं डेल्सी रोड्रिग्ज ने इसे ऐतिहासिक समझौता कहा।