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बांग्लादेश में बढ़ा खतरा, सक्रिय हुआ आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन, बम बनाने वाले कई संदिग्ध अरेस्ट

Bangladesh Terror Threat: बांग्लादेश में आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के फिर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। बम बरामदगी और गिरफ्तारियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
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भारत

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Saurabh Mall

Aug 29, 2026

JMB group Bangladesh

पाकिस्तान के जैसा बांग्लादेश में फिर सक्रिय हुआ आतंकी नेटवर्क (सोर्स: आईएएनएस और ani)

Bangladesh Terrorism: बांग्लादेश में आतंकी संगठनों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। प्रतिबंधित ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ यानी JMB के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। हाल में पुलिस की कार्रवाई में बम और हथियार बरामद किए गए हैं। कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है।

खास बात यह है कि संदिग्धों में एक पूर्व सैन्यकर्मी और एक नाबालिग भी शामिल बताए गए हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संगठन से जुड़े लोग ढाका और आसपास के इलाकों में गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।

बम बरामदगी के बाद तेज हुई जांच

नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट (ICM) के आंकड़ों का हवाला देते हुए साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल (SATP) ने JMB से जुड़े मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक कम से कम पांच लोगों को इस संगठन से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 11 अगस्त को ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ से कथित तौर पर जुड़े मोहम्मद आरिफ को ढाका के सावर इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हथियार और कथित बम बनाने से जुड़ी सामग्री मिलने की बात कही गई है। अगले ही दिन सावर में एक मस्जिद के पास खुले मैदान से संदिग्ध प्रेशर-कुकर बम बरामद किया गया। इसके बाद जांच और तेज कर दी गई।

पूर्व जवान से नाबालिग तक के नाम सामने आए

रिपोर्ट में ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ से जुड़े लोगों की प्रोफाइल को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसमें पूर्व सैन्यकर्मियों के साथ युवा और नाबालिगों के शामिल होने की बात कही गई है। एक मामले में 2 अप्रैल 2026 को हबीगंज सदर उपजिला से 16 साल के एक लड़के को गिरफ्तार किया गया था। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में उसके कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई। उसके फोन की जांच के बाद ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ से कथित संबंधों के संकेत मिलने का दावा किया गया। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां युवाओं के कट्टरपंथी संगठनों की ओर आकर्षित होने को गंभीर चुनौती मान रही हैं।

311 संदिग्ध कैडर अब भी फरार होने का दावा

रिपोर्ट में बांग्लादेश में सक्रिय या फरार आतंकियों को लेकर भी बड़ा दावा किया गया है। पुलिस की ‘स्पेशलाइज्ड एंटी-टेररिज्म यूनिट’ यानी ATU के हवाले से कहा गया है कि विभिन्न प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के कम से कम 311 कैडर अब भी फरार हैं।

इनमें JMB के 16 कैडर बताए गए हैं। इसके अलावा JMB के 185, Ansar al-Islam के 83 और HuJI-B के 16 कैडर शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाकी फरार लोगों का संबंध अन्य प्रतिबंधित संगठनों से बताया गया है।

सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है। बांग्लादेश में पुराने आतंकी नेटवर्क के दोबारा सक्रिय होने के संकेतों को नजरअंदाज करना मुश्किल है। रिपोर्ट में लगातार निगरानी और कट्टरपंथी विचारधारा को फैलने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया गया है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई यह तय करेगी कि Neo-JMB का यह कथित उभार कितना बड़ा खतरा बनता है।