
वेनेज़ुएला (Venezuela) में 25 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के डबल भूकंपों (Double Earthquakes) ने हाहाकार मचा दिया। बैक-टू-बैक आए इन भूकंपों के बीच सिर्फ 38 सेकंड्स का अंतराल था। पहले भूकंप की गहराई 21.9 किलोमीटर और दूसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर रही। कम गहराई और ज़्यादा तीव्रता होने की वजह से इन भूकंपों ने तबाही मचा दी। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन 4,300 से ज़्यादा लोग घायल हैं और कई हज़ार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भूकंप की वजह से कई इमारतें मलबे में बदल गईं और अभी भी बड़ी संख्या में लोग उसके नीचे दबे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सभी प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी बीच कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी।
मलबे के नीचे बाउट ज़्यादा समय तक फंसे रहने के बाद ज़िंदा बचने की उम्मीद लगभग न के बराबर होती है। इस स्थिति में अगर किसी की जान बच जाती है, तो वो चमत्कार ही होता है और ऐसा ही चमत्कार वेनेज़ुएला में देखने को मिला। राजधानी काराकस के चाकाओ इलाके में डॉन पेपे बिल्डिंग के मलबे से रेस्क्यू टीम ने एक महिला को ज़िंदा बाहर निकाला है। वह महिला 24 घंटे से भी ज़्यादा समय तक मलबे के नीचे फंसी हुई थी। यह जानकारी मेयर गुस्तावो ड्यूक (Gustavo Duque) ने दी।
मेयर ड्यूक ने बताया कि भूकंप से जुड़ी सभी घटनाओं से निपटने के लिए उनकी रेस्क्यू टीम तैनात है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई देशों ने वेनेज़ुएला की मदद के लिए रेस्क्यू टीमें भेजी हैं।
वेनेज़ुएला में डबल भूकंपों के बाद बिगड़े हालात से निपटने के लिए अमेरिका, मैक्सिको, अल साल्वाडोर, कोलंबिया, ब्राज़ील, इक्वाडोर, डोमिनिकन रिपब्लिक, चिली, अर्जेंटीना, बोलीविया, पनामा, उरुग्वे, क्यूबा, कतर, तुर्की, ईरान, स्विट्रज़लैंड, नीदरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, कनाडा, जापान, चीन और कई अन्य देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने भी हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।