वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिका का लगातार दबाव वेनेजुएला में बदलाव ला रहा है।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि अमेरिका का लगातार दबाव वेनेजुएला के अंदर बदलाव ला रहा है।
मचाडो ने एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिकी दबाव से वेनेजुएला पीछे जा रहा है। मचाडो ने कहा- मुझे नहीं लगता कि अमेरिकी दबाव कम है। असल में, अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज अभी जो कुछ भी अच्छा कर रही हैं, वह इसलिए है क्योंकि वह अमेरिका से मिल रहे निर्देशों का पालन कर रही हैं और यही कारण है कि देश में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला के लोग अमेरिकी लोगों के बहुत-बहुत आभारी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूबियो और अमेरिकी सांसदों को इस महत्वपूर्ण क्षण में मजबूत समर्थन के लिए श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन से संदेश साफ तौर पर दे दिया गया है और इसके पहले से ही दिखाई देने वाले प्रभाव पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा- हम शासन द्वारा उठाए गए कदमों में और वेनेजुएला की आबादी के बीच बढ़ रहे मूड और ऊर्जा में परिणाम देख रहे हैं।
वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या वह या उनका आंदोलन डेल्सी रोड्रिग्ज के संपर्क में है, जिन्हें उन्होंने मौजूदा शासन का प्रमुख बताया, तो मचाडो ने कहा कि कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भारी चुनावी जीत के बाद सत्ता हस्तांतरण पर बातचीत करने की पेशकश की थी, लेकिन उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया।
मचाडो ने कहा कि रूबियो के साथ बातचीत से यह साफ हो गया कि वाशिंगटन और वेनेजुएला के विपक्ष का अंतिम लक्ष्य एक ही है। लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण जिसके बाद चुनाव हों।
उन्होंने मौजूदा सत्ता संरचना को आपराधिक संरचना बताया। जो रूस, ईरान, चीन, क्यूबा, हिजबुल्लाह, हमास जैसे चरमपंथी आतंकवादी संगठनों से जुड़ी है।
मचाडो ने चेतावनी दी कि वेनेजुएला के लोगों का सब्र खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनवरी की शुरुआत में 1,000 से ज्यादा राजनीतिक कैदी थे और 700 से ज्यादा अभी भी हिरासत में हैं।
उन्होंने कहा- एक भी सैन्य कैदी, राजनीतिक कैदी को रिहा नहीं किया गया है। मादुरो ने कहा- 3 जनवरी से पहले यह सोचा भी नहीं जा सकता था।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों का भरोसा बढ़ा है लेकिन इस गति को बनाए रखना होगा। बता दें कि 3 जनवरी को ही अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया था।