
अमेरिका (United States Of America) और वेनेज़ुएला (Venezuela) के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसी वजह से अमेरिका अब तक वेनेज़ुएला के कई ऐसे जहाजों पर हमला कर चुका है जो ड्रग्स की तस्करी में शामिल थे, जिनमें कई नार्को-आतंकी भी मारे गए। वेनेज़ुएला के तट से तेल के टैंकर को भी अमेरिका द्वारा अपने कब्ज़े में लेने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में अब वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) ने एक बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिका से बढ़ता तनाव देखकर मादुरो की चिंता बढ़ गई है। कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उन्हें देश छोड़ने की धमकी भी दी थी। इस बीच कैरिबियाई सागर क्षेत्र और पैसिफिक सागर क्षेत्र में अमेरिकी सेना की कार्रवाई भी जारी है। ऐसे में अब मादुरो ने फैसला लिया है कि वह अमेरिका को सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
मादुरो ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि वह ड्रग्स तस्करी, तेल और अन्य मुद्दों पर ट्रंप से बातचीत के ज़रिए अमेरिका को सहयोग देने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी सेना के बढ़ते दबाव के चलते मादुरो को यह फैसला लेना पड़ा और उन्होंने साफ कर दिया कि जब भी और जिस मामले में अमेरिका को सहयोग चाहिए, वेनेज़ुएला तैयार है।
मादुरो के सुर बदलने से अमेरिका और वेनेज़ुएला के संबंधों में सुधार आ सकता है। इससे न सिर्फ तेल का निर्यात बढ़ेगा, बल्कि ड्रग्स की तस्करी पर भी लगाम लगेगी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव भी कम होगा और वेनेज़ुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई भी रुकेगी।