
SCO Summit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पहले सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि रूस और चीन मिलकर ब्रिक्स को मजबूत करने और वैश्विक बहुमत को नए विकल्प प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में सुधार की वकालत करते हुए एक ऐसी नई वित्तीय प्रणाली का आह्वान किया, जो सच्ची समानता और सभी देशों के लिए समान अवसरों पर आधारित हो। उन्होंने वित्तीय साधनों के दुरुपयोग को नव-उपनिवेशवाद का रूप बताकर इसकी कड़ी आलोचना की।
पुतिन ने कहा कि रूस और चीन ब्रिक्स के तहत आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और रणनीतिक साझेदारी के लिए साझा मंच बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। दोनों देश महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने और भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एकजुट हैं, जो सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालते हैं। पुतिन ने ब्रिक्स को "वैश्विक बहुमत" के लिए समावेशी प्रगति का प्रतीक बताया।
पुतिन ने रूस-चीन संबंधों को रणनीतिक और "पारस्परिक रूप से लाभकारी" करार देते हुए बताया कि 2021 से दोनों देशों के बीच व्यापार में 100 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। चीन अब रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच अधिकांश लेन-देन रूबल और युआन में हो रहे हैं। चीन, रूस से तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार है, और दोनों देश व्यापारिक बाधाओं को कम करने पर काम कर रहे हैं।
तियानजिन में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन और बीजिंग में चीन के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने जा रहे पुतिन ने उम्मीद जताई कि यह समिट एससीओ को नई ताकत देगा, जिससे सदस्य देश वैश्विक चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेंगे। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा की इच्छा जताई। पुतिन ने शी की हालिया रूस यात्रा को प्रतीकात्मक बताते हुए दोनों देशों की मित्रता और सहयोग की परंपराओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पुतिन ने कहा कि वह अपनी यात्रा के दौरान चीन के साथ मिलकर महान विजय की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे और दोनों देशों के लोगों के लिए नए सहयोग के अवसर तलाशेंगे। यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता और समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।