भारत के वॉन्टेड आतंकी के बारे में ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ी जानकारी दी है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
अमेरिका (United States Of America) में पिछले साल अवैध रूप से रह रहे खालिस्तानी आतंकी हरप्रीत सिंह (Harpreet Singh) उर्फ हैप्पी पासिया को गिरफ्तार किया गया था। एफबीआई चीफ काश पटेल (FBI Chief Kash Patel) ने खुद इस बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि एफबीआई की सैक्रामेंटो यूनिट ने स्थानीय आईसीई यूनिट और भारत (India) में अपने भागीदारों के साथ समन्वय करके हरप्रीत को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में ट्रंप प्रशासन की तरफ से एक बड़ी जानकारी सामने आई है।
डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि जिस हरप्रीत को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था, उसे बाइडन प्रशासन ने रिहा किया था। डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "हरप्रीत सिंह एक अवैध अप्रवासी है, जिसकी अपने मूल देश भारत में आतंकी गतिविधियों से संबंध होने के कारण तलाश थी। इन गतिविधियों में पुलिस अधिकारियों पर एक दर्जन से ज़्यादा ग्रेनेड हमलों की योजना बनाना शामिल था और वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) नाम के एक विदेशी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। हरप्रीत 27 जनवरी, 2022 को एरिज़ोना में अवैध रूप से प्रवेश करते हुए देश में घुसा था। इसके बाद उस बाइडन प्रशासन ने देश में छोड़ दिया था। अप्रैल 2025 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।"
हरप्रीत, खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य है। वह भारत और अमेरिका में कई पुलिस स्टेशनों पर हमलों में शामिल था। पंजाब में करीब 6 महीने में 14 आतंकी हमलों में हरप्रीत की अहम भूमिका थी। हरप्रीत पर चंडीगढ़ में एक सेवानिवृत्त पंजाब पुलिस अधिकारी के घर पर ग्रेनेड हमले की योजना बनाने का भी आरोप है। इन्हीं हमलों की वजह से भारतीय खुफिया एजेंसी एनआईए (NIA) ने हरप्रीत पर 5 लाख रूपये का इनाम घोषित किया था।