53 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी मानवाधिकार आंदोलन का बड़ा चेहरा रही हैं। मोहम्मदी को राज्य विरोधी गतिविधियों और सरकारी प्रचार के खिलाफ काम करने के आरोप में 13 साल 9 महीने की सजा मिली हुई थी।
Who Is Narges Mohammadi: ईरान से बड़ी खबर सामने आई है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता नर्गेस मोहम्मदी(Narges Mohammadi) को हिरासत में ले लिया गया है। मोहम्मदी एक वकील की श्रद्धांजलि सभा में पहुंची थीं। इस वकील की मौत को लेकर हाल ही में विवाद उठा था। मोहम्मदी के समर्थकों ने बताया कि सुरक्षा बल उन्हें जबरन ले गए और कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया। उनके नाम पर बने फाउंडेशन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को सुरक्षा और पुलिस बलों द्वारा हिंसक तरीके से हिरासत में लिया गया। फाउंडेशन ने सभी गिरफ्तार लोगों की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। ईरानी अधिकारियों की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि मोहम्मदी को फिर से जेल भेजा जाएगा या नहीं।
53 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी पेशे से इंजीनियर हैं, लेकिन पिछले दो दशकों से मानवाधिकार आंदोलन का बड़ा चेहरा रही हैं। उन्हें अब तक 13 बार गिरफ्तार किया जा चुका है और 5 बार सजा सुनाई गई है। कुल मिलाकर उन्हें 30 साल से ज्यादा की सजा मिली है। उनकी ताजा गिरफ्तारी 2021 में एक प्रदर्शनकारी की याद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद हुई थी।
नर्गेस मोहम्मदी दिसंबर 2024 से मेडिकल फर्लो पर जेल से बाहर थीं। यह छुट्टी तीन हफ्तों के लिए दी गई थी, लेकिन उनकी खराब सेहत और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते उन्हें बाहर रहने दिया गया। इस दौरान वे सार्वजनिक गतिविधियों में भी शामिल होती रहीं और तेहरान की एविन जेल के बाहर हुए प्रदर्शनों में भी गईं। उनके वकीलों और परिवार का कहना है कि वे कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं। हिरासत के दौरान उन्हें कई बार दिल के दौरे पड़े, 2022 में उनकी खराब हालत में भी सर्जरी हुई और 2024 में एक हड्डी का ट्यूमर भी निकाला गया।
मोहम्मदी को राज्य विरोधी गतिविधियों और सरकारी प्रचार के खिलाफ काम करने के आरोप में 13 साल 9 महीने की सजा मिली हुई थी। उन्होंने 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन किया था, जिनमें कई महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब पहनने से इनकार कर दिया था।