अमेरिका में वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतों और गायब होने की घटनाओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यूक्लियर और एयरोस्पेस रिसर्च से जुड़े मामलों की जांच जारी है, जबकि एजेंसियां संभावित साजिश या कनेक्शन की तलाश में जुटी हैं।
Why Are U.S. Scientists Disappearing: अमेरिका में हाल के दिनों में एक ऐसी घटनाओं की सीरीज सामने आई है जिसने वहां की सुरक्षा एजेंसियों को भी परेशान कर दिया है। एक के बाद एक कई वैज्ञानिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या गायब होने की खबरें सामने आई हैं। अब तक करीब 11 वैज्ञानिक या तो लापता हो चुके हैं या फिर असामान्य हालात में मृत पाए गए हैं। यही वजह है कि इस पूरे मामले को अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि इनमें शामिल अधिकांश वैज्ञानिक बेहद संवेदनशील क्षेत्रों जैसे न्यूक्लियर और एयरोस्पेस रिसर्च से जुड़े थे।
इस मुद्दे पर 'यूएस हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटेबिलिटी' के चेयरमैन जेम्स कोमर ने खुलकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इतनी घटनाएं एक साथ होना सिर्फ इत्तेफाक नहीं लगता। उनके मुताबिक, 'संभव है कि इसके पीछे कुछ बड़ा और खतरनाक खेल चल रहा हो।' यही कारण है कि अमेरिकी कांग्रेस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
जांच एजेंसियों को इन मामलों में एक समानता दिख रही है। जिन वैज्ञानिकों के साथ ये घटनाएं हुई हैं, वे ज्यादातर बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर रहे थे। जैसे, न्यूक्लियर साइंस, एयरोस्पेस और एडवांस टेक्नोलॉजी। इनमें कुछ वैज्ञानिक NASA, MIT और Los Alamos National Laboratory जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े थे।
FBI और अन्य एजेंसियां अब इन सभी मामलों को जोड़कर देखने की कोशिश कर रही हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह जांच सिर्फ अलग-अलग घटनाओं की नहीं, बल्कि इनके बीच संभावित कनेक्शन खोजने की भी है। जेम्स कोमर की कमेटी ने ऊर्जा विभाग, नासा और रक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल की मांग की है ताकि कोई भी अहम जानकारी छूट न जाए।
इस पूरे मामले पर डोनाल्ड ट्रम्प ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे 'बेहद गंभीर' बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हो सकता है कि यह महज संयोग हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।