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केशम आइलैंड पर ही क्यों किए अमेरिका ने हमले? ईरान के लिए बेहद अहम है होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित यह क्षेत्र

Iran-US War: अमेरिका ने मिडटर्म चुनाव से कुछ घंटे पहले ही ईरान के केशम आइलैंड पर हमले करते हुए फिर से जंग छेड़ दी है। लेकिन अमेरिका ने केशम आइलैंड को ही क्यों निशाना बनाया? आइए जानते हैं क्या है इस क्षेत्र की अहमियत।
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Updated: 3 Nov 2026, 3:27 PM IST
Qeshm Island
केशम आइलैंड (Photo - ANI)

अमेरिका (United States of America) के ईरान (Iran) पर फिर से हमले करने की अटकलें तो पिछले काफी समय से लगाई जा रही थीं, लेकिन ऐसा लग रहा था कि देश में होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिका ऐसा करेगा। लेकिन चुनाव से कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने ईरान पर हमले कर दिए। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास स्थित केशम आइलैंड (Qeshm Island) पर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने केशम आइलैंड पर किए इन हमलों को रक्षात्मक बताया है। उनका कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान को होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों पर हमला करने से रोकना है। ईरान भी जल्द ही इन हमलों का जवाब दे सकता है।

केशम आइलैंड पर ही क्यों किए हमले?

मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि अमेरिका ने केशम आइलैंड पर ही हमले क्यों किए। यह आइलैंड ईरान के लिए बेहद अहम है। केशम फारस की खाड़ी का सबसे बड़ा आइलैंड है और होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। केशम आइलैंड का होर्मुज स्ट्रेट के पास होना इसे इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण देती है। ईरान के लिए यह सैन्य और रणनीतिक नज़रिए से बेहद अहम क्षेत्र है। इस आइलैंड पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की सैन्यसुविधाएं, भूमिगत सुरंगें, फास्ट-अटैक बोट्स, एंटी-शिप मिसाइलें, ड्रोन और मिसाइल लॉन्चर्स समेत हथियारों के कई डिपो मौजूद हैं। इसे 'भूमिगत मिसाइल सिटी' भी कहा जाता है। केशम आइलैंड के भूमिगत नेटवर्क की वजह से ही ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने या जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता है।

रणनीतिक महत्व के अलावा केशम आइलैंड फ्री ट्रेड जोन भी है। यहाँ आर्थिक गतिविधियाँ, प्राकृतिक संसाधन (तेल और गैस क्षेत्र) और पर्यटन भी हैं। हालांकि मौजूदा जंग में इसका सैन्य महत्व आर्थिक महत्व से कहीं ज़्यादा बढ़ गया है। केशम आइलैंड ईरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल बनाए रखने और वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करने का प्रमुख ठिकाना है, इसलिए यह क्षेत्र ईरान की सैन्य और भू-राजनीतिक रणनीति का केंद्र बना हुआ है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने केशम आइलैंड पर हमले किए।