बलूचिस्तान का कहना है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गिरफ्तारी बलूचिस्तान के किसी भी हवाई अड्डे पर आगमन के समय या प्रस्थान के दौरान की जा सकती है।
Arrest warrant against Pakistan Prime Minister Shahbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो गया है। यह बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार ने जारी किया है। शरीफ पर बलूचिस्तान के वीजा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, बलूचिस्तान की संप्रभुता को गंभीर और जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। पाक पीएम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की घोषणा मीर यार बलोच ने की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसको लेकर पोस्ट भी की है।
बता दें कि मीर यार बलोच बलूचिस्तान की आजादी की वकालत करते हैं। इसके अलावा, वे पाकिस्तान के लोगों और उनके सैन्य प्रशासन की भी आलोचना करते हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए गए पोस्ट में बलूचिस्तान का कहना है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गिरफ्तारी बलूचिस्तान के किसी भी हवाई अड्डे पर आगमन के समय या प्रस्थान के दौरान की जा सकती है। यह कार्रवाई बलूचिस्तान के कानूनों और उसकी घोषित संप्रभु सत्ता के तहत किए जाने की बात कही गई है।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना अनुमति के किया गया यह प्रवेश बलूचिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और हवाई क्षेत्र का खुला उल्लंघन है। बलूचिस्तान गणराज्य ने इस कथित कदम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है।
हालांकि, इस दावे पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
खुद को एक अलग, संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र बताते हुए तथाकथित रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को कड़ी चेतावनी जारी की है। एक जारी बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान के कथित इमिग्रेशन कानूनों से कोई भी व्यक्ति-चाहे उसका पद या रैंक कुछ भी हो-मुक्त नहीं है, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी शामिल हैं।
बयान में दावा किया गया है कि वैध दस्तावेज़ों और आधिकारिक रूप से स्वीकृत वीज़ा के बिना बलूचिस्तान में प्रवेश करना एक आपराधिक अपराध है। साथ ही यह भी कहा गया है कि एक “संप्रभु राष्ट्र” होने के नाते, रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान अपने अधिकार क्षेत्र में—क्वेटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे या किसी भी प्रवेश/निकास बिंदु पर—शहबाज़ शरीफ़ को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
इस कथित घोषणा को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, पाकिस्तानी सेना प्रमुख और सभी पाकिस्तानी अधिकारियों व नागरिकों के लिए “अंतिम और औपचारिक चेतावनी” बताया गया है। बयान में कहा गया है कि भविष्य में बिना पूर्व वीज़ा अनुमति के बलूचिस्तान में किसी भी तरह का प्रवेश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।