
America-Iran War Impact On World: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और हालिया युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। विश्व बैंक ने अपनी नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार काफी धीमी पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और चीन को छोड़कर अधिकांश विकासशील देशों की प्रति व्यक्ति आय 2028 के बाद ही कोरोना महामारी से पहले के स्तर पर लौट पाएगी।
इसी बीच विश्व बैंक की रिपोर्ट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर केवल 2.5% रहने का अनुमान है, जबकि 2025 में यह 2.9% थी। यानी दुनिया की आर्थिक रफ्तार पहले से और धीमी हो सकती है। विश्व बैंक ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ऊर्जा आपूर्ति में कोई खलल और ज्यादा बढ़ता है और इसके साथ वित्तीय बाजारों में बड़ा दबाव पैदा होता है, तो 2026 में वैश्विक विकास दर घटकर सिर्फ 1.3% तक पहुंच सकती है।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की दिशा में कुछ अपडेट जरूर आएं हैं। CNN की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौते के मसौदे पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाएगा, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का रास्ता तैयार होगा। हालांकि इस समझौते को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ही इस समझौते पर साइन समारोह स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो सकता है और यह रविवार तक भी आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही अमेरिकी सैन्य और सुरक्षा अधिकारी इस सप्ताह एक और दौर की शांति वार्ता की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका- ईरान युद्ध जल्द खत्म होने वाला है। ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते को 'बहुत मजबूत मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग(MoU)' बताया और संकेत दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता भी इस पर सहमत हैं। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस समझौते की पुष्टि नहीं की गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी समझौते पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और इस संबंध में कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है।