World War: जापान के एयरपोर्ट पर जो ये बम फटा है वो 80 साल से भी ज्यादा वक्त से जमीन के अंदर दबा था, जो अचानक अब ब्लास्ट हो गया।
World War: जापान के मियाजाकी एयरपोर्ट पर रनवे के पास द्वितीय विश्व युद्ध के वक्त गिराया गया बम फट गया। जिसके बाद एक भीषण विस्फोट हो गया। इससे टैक्सीवे पर (Japan) 7 मीटर चौड़ा और 1 मीटर गहरा गड्ढा बन गया, जिसके चलते अधिकारियों को रनवे को बंद करना पड़ा और 87 उड़ानें रोकनी पड़ी। जापान के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक बम निरोधक दल ने पुष्टि की है कि विस्फोट जमीन के नीचे दबे बम के कारण हुआ था, जो दूसरे विश्व युद्ध के समय हवाई हमले में गिराया गया था।
जापान के परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक रनवे पर जो बम फटा है, वो दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के दौरान अमेरिका ने ही गिराया था। लेकिन तब वो बम नहीं फटा। इस पूरी घटना को पास के एक एविएशन स्कूल ने रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में विस्फोट से डामर के टुकड़े फव्वारे की तरह हवा में उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। जापान के मीडिया ने इस वीडियो को प्रसारित किया है। इस वी़डियो में कथित तौर पर लगभग 7 गज व्यास और 3 फीट गहरा एक गड्ढा दिखाया गया है।
जापान की मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने कहा कि जिन उड़ानों को रद्द किया गया है गुरुवार को उनके चलने की उम्मीद है। दूसरे विस्फोट का कोई खतरा नहीं है। पुलिस और अग्निशमन कर्मी फिलहाल घटनास्थल की जांच कर रहे हैं।
मियाज़ाकी हवाई अड्डा 1943 में एक पूर्व इंपीरियल जापानी नौसेना उड़ान प्रशिक्षण क्षेत्र के तौर पर बनाया गया था, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहां से कुछ कामिकेज़ पायलटों ने आत्मघाती हमले के मिशन पर उड़ान भरी थी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना के गिराए गए कई गैर-विस्फोट बमों का क्षेत्र में पता चला है।
संयुक्त राज्य अमेरिका का गिराया गया एक और बम 2009 और 2011 में पास के एक निर्माण स्थल पर पाया गया था। युद्ध के सैकड़ों टन बिना फटे बम जापान के आसपास दबे रहते हैं और कभी-कभी निर्माण स्थलों पर खुदाई में मिल जाते हैं।
वहीं एक अंतर्राष्ट्रीय न्य़ूज एजेंसी ने सेल्फ-डिफेंस फोर्स का हवाला देते हुए बताया कि साल 2023 के दौरान 41 टन वजन वाले कुल 2,348 बम जापान में ढूंढे गए थे जिन्हें नष्ट कर दिया गया था। पिछले साल द्वितीय विश्व युद्ध का एक बम इंग्लैंड में पाया गया था जिसमें विस्फोट हुआ था। इसे अधिकारियों ने अनियोजित विस्फोट कहा था। वहीं पुलिस और जांच अधिकारी इस घटना की जांच में जुटे हुए हैं कि आखिर 80 सालों बाद ये बम कैसे फटा।