
वर्ल्ड वॉर 2 (World War II), यानी कि द्वितीय विश्व युद्ध की वजह से दुनियाभर में भारी तबाही मची थी। कई लाख लोगों की इस युद्ध में मौत हुई थी। वर्ल्ड वॉर 2 के अवशेष अभी भी कई मौकों पर मिलते हैं, जिससे पुराने जख्म हरे हो जाते हैं। आज एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। ऑस्ट्रेलिया (Australia) के इतिहास में हुए अब तक के सबसे बड़े समुद्री हमले में डूबी शिप के अवशेष आज मिले हैं। इस शिप का नाम मॉन्टेवीडियो मारू (Montevideo Maru) था और इसके अवशेष साउथ चाइनी समुद्र में गहराई में मिले हैं। इन्हें गहरे समुद्र में खोज करने वाले खोजकर्ताओं ने ढूंढा है।
जापान की थी शिप
मॉन्टेवीडियो मारू जापान की एक शिप थी। इसका ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन यह है कि वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान यह शिप ऑस्ट्रेलिया के करीब 1,000 वॉर प्रिजनर्स और कुल 1,060 वॉर प्रिजनर्स थे।
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1,060 लोगों की हुई थी मौत
मॉन्टेवीडियो मारू शिप पर 1 जुलाई, 1942 को एक अमेरिकी पनडुब्बी USS स्टर्जियन ने 4 टॉरपीडो से हमला कर दिया था। हमले के 11 मिनट के भीतर ही यह पलटकर डूब गया था। इस शिप में करीब 1,060 वॉर प्रिजनर्स की मौत हुई थी। इनमें से 850 लोग ऑस्ट्रेलिया के सैनिक थे और 129 लोग आम नागरिक थे। इसके अलावा जहाज पर 13-14 देशों के 210 नागरिक भी मौजूद थे। जिस समय इस शिप पर हमला हुआ था, यह शिप पापुआ न्यू गिनी से कैदियों को लेकर चीन के हैनान प्रांत जा रहा था।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने किए ट्वीट्स
ऑस्ट्रेलिया ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ (Anthony Albanese) ने ट्वीट किया और इस शिप के मिलने की जानकारी दी। उन्होंने 1,060 वॉर प्रिजनर्स के शिप पर होने की बात भी बताई, जिनमें से 850 ऑस्ट्रेलियाई सैनिक थे। साथ ही उन्होंने लिखा, "हमें उम्मीद है कि जिन लोगों की इस हादसे में मौत हुई थी उनके परिवार वालों को अब कुछ राहत मिली होगी।"
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "इस खोज के पीछे की असाधारण कोशिश हमारे देश की सेवा करने वालों को हमेशा याद रखने और उनका सम्मान करने के ऑस्ट्रेलिया के वादे की सच्चाई बताता है। यह लेस्ट वी फॉरगेट (कहीं ऐसा न हो कि हम भूल जाएं) का दिल और आत्मा है।"
होगी रिसर्च
मॉन्टेवीडियो मारू शिप के अवशेष मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है कि उनसे कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। शिप के साथ ही इस पर मिले मानव अवशेष से भी छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मॉन्टेवीडियो मारू शिप के अवशेष को रिसर्च के लिए रखा जाएगा।
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