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2 बार हार्ट अटैक! क्या बीमार हैं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग? उत्तराधिकारी और तख्तापलट को लेकर बड़ा दावा

Xi Jinping Health Update: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। आशंका जताई गई है कि अगर जिनपिंग चीन में अपने उत्तराधिकारी का ऐलान करते हैं तो वहां तख्तापलट हो जाएगा।
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Updated: 4 Sep 2026, 6:11 PM IST
Xi Jinping
फोटो में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (सोर्स: आईएएनएस)

Xi Jinping Heart Attack: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। तिब्बत गवर्मेंट के पूर्व नेता लोबसांग सांगेय ने दावा किया है कि जिनपिंग को कम से कम दो बार हार्ट अटैक आया है। ऐसे में सांगेय के इस दावे ने चीन की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने जिनपिंग की सेहत के साथ-साथ उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया है। तख्तापलट तक की बात कह दी।

जिनपिंग की सेहत पर क्या बोले लोबसांग सांगेय?

बता दें अगस्त के अंत में शी जिनपिंग किर्गिस्तान पहुंचे थे। विमान से उतरते समय उनका एक वीडियो सामने आया था। इसमें वह अपनी पत्नी पेंग लियुआन का हाथ पकड़े धीरे-धीरे सीढ़ियां उतरते दिखाई दिए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर सूजन और चाल में बदलाव की बात कही। उनका कहना था कि जिनपिंग की सेहत फिलहाल ठीक नहीं है।

इसी बीच न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान, लोबसांग सांगेय ने दावा किया कि उनकी मुलाकात चीन के एक पूर्व सीनियर अधिकारी से हुई थी। करीब एक घंटे से ज्यादा चली बातचीत में उस अधिकारी ने उन्हें बताया कि जिनपिंग को दो बार हार्ट स्ट्रोक आ चुका है। वह ठीक नहीं हैं। उनके पर काफी मानसिक दबाव है।

सैन्य अधिकारियों की कार्रवाई से क्या है कनेक्शन?

लोबसांग सांगेय ने चीन की सेना में हो रहे बड़े बदलावों का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि जिनपिंग सरकार में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया गया है। कुछ अधिकारी अचानक सार्वजनिक रूप से गायब भी हुए। चीन की सैन्य व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।

इसके अलावा सांगेय ने चीन के अंदरूनी सत्ता तंत्र पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक जिनपिंग के सुरक्षा और सैन्य घेरे में मौजूद कुछ लोग बेहद शक्तिशाली हैं। तख्तापलट हो सकता है।

उत्तराधिकारी घोषित करने से क्यों डरते हैं जिनपिंग?

सांगेय ने जिनपिंग की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती उत्तराधिकारी घोषित करने को लेकर है। उनका कहना है कि अगर जिनपिंग किसी उत्तराधिकारी का नाम घोषित करते हैं, तो वही व्यक्ति भविष्य में उनके लिए चुनौती बन सकता है। दूसरी तरफ, अगर उत्तराधिकारी तय नहीं किया जाता, तो उनके बाद सत्ता के लिए संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से सांगे का दावा है कि उत्तराधिकारी घोषित करने से चीन में सत्ता संघर्ष या तख्तापलट जैसी स्थिति बन सकती है।

बता दें लोबसांग सांगेय 2011 से 2021 तक सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन के सिक्योंग रहे हैं। उनका राजनीतिक रुख चीन की नीतियों का आलोचनात्मक रहा है।

Updated on:
4 Sep 2026, 6:11 PM IST
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