23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Tibet Earthquake: तिब्बत में 7.0 की तीव्रता का भीषण भूकंप, 16 की मौत; सीटीए प्रमुख ने जताई बड़ी तबाही की आशंका

Nagchu Earthquake: तिब्बत के नागछू इलाके में आए विनाशकारी भूकंप ने हर तरफ तबाही के निशान छोड़ दिए हैं। 7.0 की तीव्रता वाले इस झटके के बाद सरकारी आंकड़ों से परे भीषण तबाही की आशंका जताई जा रही है। क्या चीन इस आपदा की असली सच्चाई छिपा रहा है?
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

Updated: 23 Oct 2026, 11:05 AM IST

Tibet Earthquake

Tibet Earthquake : तिब्बत में 7.0 की तीव्रता का भीषण भूकंप, 16 की मौत (फोटो सोर्स: ANI)

Tibet Earthquake 7.0 Magnitude: तिब्बत के उत्तरी क्षेत्र नागछू में गुरुवार देर रात आए 7.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने तबाही मचा दी है। चीनी आधिकारिक मीडिया एजेंसी 'शिन्हुआ' (Xinhua) के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, धर्मशाला स्थित केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के अध्यक्ष (सिक्योंग) पेनपा त्सेरिंग ने अंदेशा जताया है कि सूचनाओं पर लगे कड़े प्रतिबंधों के कारण वास्तविक नुकसान का आंकड़ा काफी अधिक हो सकता है।

Tibet Earthquake 7.0 Magnitude: रात 10:33 बजे आया भूकंप, 300 से अधिक मकान ढहे

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह शक्तिशाली भूकंप गुरुवार रात (बीजिंग समयानुसार) लगभग 10:33 बजे नागछू शहर के बाचेन (Tangnezong) जिले में आया। झटके इतने तेज थे कि 300 से अधिक मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागछू शहर से पूर्व-उत्तर-पूर्व में 173 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

राहत और बचाव कार्य तेज, रेलवे सेवाएं ठप

आपदा की गंभीरता को देखते हुए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के आपातकालीन कमान केंद्र ने 'स्तर-2' की इमरजेंसी लागू कर दी है। प्रभावित इलाकों में रेलवे सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी गई हैं और मलबे से लोगों को निकालने के लिए राहत दल तैनात किए गए हैं।

सूचनाओं पर प्रतिबंध, बड़ी तबाही की आशंका

सीटीए अध्यक्ष पेनपा त्सेरिंग ने कहा, "तिब्बत एक उच्च भूकंपीय क्षेत्र है। प्रारंभिक रिपोर्टों में 16 मौतों और 300 से अधिक घरों के नष्ट होने की बात कही गई है, लेकिन 7.0 तीव्रता के पैमाने पर वास्तविक नुकसान इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।"

त्सेरिंग ने चीन सरकार द्वारा जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि तिब्बत के अंदर से सटीक जानकारी प्राप्त करना बेहद कठिन है। नागछू क्षेत्र में आबादी घनत्व अधिक होने के कारण मानवीय क्षति का दायरा काफी बड़ा हो सकता है।

भू-वैज्ञानिकों की चेतावनी और ऐतिहासिक संदर्भ

भू-वैज्ञानिकों की चेतावनी और ऐतिहासिक संदर्भ तिब्बत और हिमालयी क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने की रेखा पर स्थित हैं, जिसके कारण यह इलाका दुनिया के सबसे संवेदनशील सीस्मिक जोन (Zone 5) में आता है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में ऊर्जा का लगातार संचय बड़े झटकों का कारण बनता है। चीनी अधिकारियों द्वारा दी जा रही सीमित रिपोर्टों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय और तिब्बती निष्कासित सरकार पल-पल की जानकारी जुटाने में लगी है।

बड़ी खबरें

View All

विदेश

ट्रेंडिंग