
China US relations: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन पहुंच चुके हैं और उनकी यात्रा ने दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के रिश्तों पर फिर से ध्यान खींचा है। शी ने अमेरिकी धरती पर उतरते ही दोनों देशों के संबंधों को लेकर सहयोग का संदेश दिया। उनका कहना है कि चीन और अमेरिका को टकराव के बजाय साझेदारी का रास्ता तलाशना चाहिए। खास बात यह रही कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने एयरपोर्ट पर शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया।
शी जिनपिंग ने बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचने के बाद जारी लिखित भाषण में कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों को महान राष्ट्र और दोनों देशों की जनता को महान बताया। शी ने यह भी कहा कि चीन के राष्ट्रीय पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने के लक्ष्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं और दोनों देश एक-दूसरे को लाभ पहुंचा सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद रहे हैं।
शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन जब मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप खुद उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। यह प्रोटोकॉल के लिहाज से असामान्य रूप से हाई-प्रोफाइल स्वागत था। चीनी राष्ट्रपति की इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण कूटनीतिक संपर्क के तौर पर देखा जा रहा है। व्हाइट हाउस के मुताबिक 24 सितंबर को शी के सम्मान में औपचारिक स्वागत समारोह भी आयोजित किया जाना है।
इस यात्रा की अहमियत सिर्फ प्रतीकात्मक स्वागत तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच टैरिफ, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहने की उम्मीद है। Reuters के अनुसार, शी की 23 से 25 सितंबर तक की अमेरिका यात्रा दोनों नेताओं के बीच छह महीने के भीतर दूसरी पारस्परिक मुलाकात है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी संवाद बढ़ाने, मतभेदों को संभालने और सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है।
शी ने अपने संदेश में कहा कि बदलती दुनिया के बावजूद चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की जरूरत कायम है। उन्होंने ट्रंप के साथ दोनों देशों और वैश्विक हालात से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बातचीत की उम्मीद जताई।