
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच चल रहे तनाव में सऊदी समर्थित यमन की सेना भी हूतियों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों में कई बार मुठभेड़ हुई हैं। गुरुवार को भी दोनों पक्षों में ताइज़ प्रांत में कई मोर्चों पर मुठभेड़ हुई। आज यमन की सेना ने हूतियों के खिलाफ एक बार फिर कार्रवाई की।
यमन की सेना ने देश के तीन प्रांतों में हुतियों के ठिकानों पर हमले किए। सेना ने जानकारी दी कि उसने राजधानी सना, उत्तर-पश्चिमी प्रांत सादा और दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज़ में हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया। सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुज़ैली ने अपने बयान में बताया कि सरकारी सुरक्षाबलों ने राजधानी सना और दूसरी जगह हूतियों के अहम ठिकानों पर हमले किए। हालांकि अल-नुज़ैली ने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। अल-नुज़ैली ने यह भी कहा कि सेना ने सादा प्रांत में हूतियों के 11 अहम ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन यह नहीं बताया कि हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
यमन की सेना के हमलों में हूतियों को कितना नुकसान पहुंचा, फिलहाल इस बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। हूती विद्रोहियों की तरफ से अब तक इस इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
यमन की सरकारी सेना के कम्युनिकेशन विंग के हिस्से ताइज़ मिलिट्री एक्सिस मीडिया सेंटर ने जानकारी दी कि ताइज़ शहर के उत्तर में हूतियों और सरकारी सेना के बीच मुठभेड़ चल रही है, जो कुछ देर पहले ही शुरू हुई है।
यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब यमन की सरकारी सेना को समर्थन देता है। इस वजह से हूती विद्रोहियों और यमन की सेना के बीच भी रुक-रूककर जंग होती रहती है।