
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) के खिलाफ सऊदी अरब (Saudi Arabia) समर्थित यमन की सरकारी सेना ने भी कार्रवाई तेज़ कर दी है। पिछले कुछ दिनों में यमन की सेना ने न सिर्फ हूतियों के हमलों को नाकाम किया है, बल्कि उनके खिलाफ हमले भी तेज़ कर दिए हैं। यमन की सेना ने हूतियों के कई ठिकानों पर हमले करते हुए कई लड़ाकों को मार गिराया। अब यमनी सेना ने हूतियों को एक बड़ा झटका दिया है।
यमन की सेना ने बाब अल-मन्देब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) पर कब्ज़े का दावा किया है। यह रणनीतिक जलमार्ग पिछले कुछ समय से हूतियों के कब्ज़े में था, लेकिन अब सेना के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि यमन की 'जायंट्स ब्रिगेड्स' और 'नेशन शील्ड फोर्सेज़' ने बाब अल-मन्देब स्ट्रेट से हूतियों के कब्ज़े को खत्म करते हुए इस जलमार्ग पर कब्ज़ा कर लिया है।
यमन के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि देश की सरकारी सेना ने बाब अल-मन्देब स्ट्रेट के साथ ही ताइज़ प्रांत के तटीय शहर धुबाब और पास के एक एयरपोर्ट पर भी फिर से कब्ज़ा कर लिया है। सैन्य ब्रिगेडियर-जनरल माजिद अल-नुज़ैली ने भी इसकी पुष्टि की और बताया कि इससे इलाके में सेना की पकड़ मज़बूत हो गई है। अल-नुज़ैली ने यह भी कहा कि घिर जाने के बाद कुछ हूती लड़ाके नाव से भाग निकले तो कई लड़ाकों को सेना ने मार गिराया।
बाब अल-मन्देब स्ट्रेट के आसपास के इलाकों में हूतियों का प्रभाव काफी ज़्यादा है। ऐसे में यमन की सरकारी सेना की इन इलाकों में कार्रवाई जारी है। सेना हूतियों के ठिकानों को निशाना बना रही है, जिससे उनके प्रभाव को कमजोर किया जा सके।
यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ था जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। इस वजह से हूती विद्रोहियों और यमन की सेना के बीच जंग तेज़ हो गई है, जिससे हूतियों को कमजोर किया जा सके।