
Yemen Houthi Attack: यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यमन की सेना का दावा है कि 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' सैन्य अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में हूती विद्रोहियों के खिलाफ 2,750 से ज्यादा सटीक हमले किए गए हैं। इन हमलों में 1,400 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए हैं, जबकि विद्रोहियों के 250 से ज्यादा लड़ाकू वाहन और भारी सैन्य उपकरण नष्ट कर दिए गए हैं।
यमनी सेना और PLC के सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के मजबूत बंकरों, चौकियों, निगरानी केंद्रों, तोपखाने और हथियारों व गोला-बारूद के डिपो को सीधे हमलों में निशाना बनाया गया। इसके अलावा, हूती सैन्य समर्थन और आपूर्ति प्रणालियों को कमजोर करने के लिए यमनी सेना ने हूती नियंत्रित क्षेत्रों के भीतर गहराई तक सटीक हमले किए। उन्होंने लॉजिस्टिक्स हब और सैन्य सुदृढीकरण काफिलों को निशाना बनाया, जिससे विद्रोहियों के आपूर्ति नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल अल-नुजैली ने बताया कि इन हमलों में 1,400 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए। इसके अलावा 250 से ज्यादा लड़ाकू वाहन और सैन्य उपकरण पूरी तरह से नष्ट हो गए या बेकार हो गए। कर्नल अल-नुजैली ने कहा कि इन भारी नुकसानों ने हूती विद्रोहियों की सैन्य लामबंदी की क्षमता, फ्रंट लाइन पर सैनिकों को मजबूत करने की क्षमता और लड़ाई जारी रखने की क्षमता को कमजोर कर दिया है।
हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी के साथ-साथ यमनी सेना ने जमीनी स्तर पर भी निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। प्रवक्ता कर्नल अल-नुजैली ने बताया कि जमीनी बलों ने हूतियों की रक्षात्मक पंक्तियों और बंकरों को सफलतापूर्वक भेद दिया है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई पहाड़ियों, निगरानी चौकियों और प्रशासनिक सुविधाओं पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है।
यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने अक्टूबर 2026 की शुरुआत में ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन शुरू करने की घोषणा की थी। सरकार ने कहा है कि इस अभियान का मकसद हूती विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों को वापस लेना, सरकारी संस्थानों के अधिकार को बहाल करना और राजधानी सना पर फिर से नियंत्रण हासिल करना है।