
Yemen Houthi Conflict: यमन के ताइज प्रांत में सऊदी समर्थित सरकारी बलों और सदर्न जाइंट्स ब्रिगेड ने हूती विद्रोहियों के बड़े हमलों को नाकाम कर दिया है। दक्षिणी ताइज के अल-सलू इलाके में यमन की सरकारी सेना ने हूती हमले को नाकाम कर दिया, जिसमें कम से कम 12 लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। वहीं, लाल सागर के मुहाने पर स्थित बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास जायंट्स ब्रिगेड ने धुबाब ज़िले में हूती विद्रोहियों को पीछे खदेड़ दिया और उन्हें सैनिकों और साजो-सामान, दोनों के मामले में भारी नुकसान पहुंचाया।
सऊदी समर्थित यमन सरकार के सुरक्षा बलों ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने ताइज़ के दक्षिण में अल-सलू ज़िले में सैन्य चौकियों को निशाना बनाकर अचानक बड़े पैमाने पर हमला किया था। सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और विद्रोहियों के हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस झड़प में 12 हूती लड़ाके मारे गए, जबकि बड़ी संख्या में विद्रोही घायल हुए।
पश्चिमी तट पर मोर्चा संभाल रही सदर्न जायंट्स ब्रिगेड के मीडिया सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हूती विद्रोहियों ने धुबाब जिले के एयरपोर्ट सेक्टर में उनकी चौकियों पर हमला किया था। ब्रिगेड ने बयान में कहा कि जायंट्स फोर्सेज ने एयरपोर्ट सेक्टर में अपने ठिकानों पर हुए हूती हमले को जबरदस्त तरीके से नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और हार के बाद उन्हें पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि वह हूती विद्रोहियों की बैलिस्टिक और सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के खतरों को लगातार बेअसर कर रहा है। हूती मिसाइल हमलों के मुख्य स्रोत विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना के साथ-साथ सादा और अमरान प्रांत हैं, जहां उनके लॉन्चिंग पैड और हथियारों के गोदामों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाकर नष्ट किया जा रहा है।