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Yemen Houthi Conflict: यमन में फिर भड़की जंग! रणनीतिक इलाके पर सरकारी सेना का कब्जा, 60 से ज्यादा मौतों ने बढ़ाई चिंता

Houthi Rebels: लाल सागर के आसपास जारी तनाव के बीच यमन में जमीनी लड़ाई ने नया रूप ले लिया है। रणनीतिक क्षेत्र पर नियंत्रण के दावे के साथ सरकार ने हूतियों को कड़ा संदेश दिया है, लेकिन बढ़ती नागरिक मौतें पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का संकेत बन गई हैं।
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Sep 06, 2026
Yemen Houthi Conflict
Yemen Houthi Conflict :हूतियों पर यमन का सबसे बड़ा पलटवार (फोटो सोर्स:@LevantWire)

Yemen Civil War: यमन में हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाओं के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताइज और होदेइदाह प्रांतों में तेज हुई सैन्य कार्रवाई के बीच सरकारी बलों ने एक अहम रणनीतिक जिले पर कब्जे का दावा किया है। इस बढ़ती हिंसा का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों पर भी भारी पड़ रहा है। शनिवार की झड़पों में 60 से अधिक लोगों की मौत और करीब 1,800 परिवारों के विस्थापन ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।

Yemen Houthi Conflict: रणनीतिक जिले पर कब्जे का दावा, बदला युद्ध का समीकरण

यमन की सरकारी सेना ने दावा किया है कि उसने हैस (Hais) जिले को हूती लड़ाकों से वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह इलाका दक्षिणी होदेइदाह में स्थित है और होदेइदाह, ताइज तथा इब्ब प्रांतों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। ऐसे में यहां नियंत्रण हासिल करना सरकारी बलों के लिए सैन्य और रणनीतिक, दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

यह जानकारी तुर्किये की अनादोलु समाचार एजेंसी (Anadolu Agency) के हवाले से सामने आई है।

यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने सरकारी सैनिकों की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि सेना पूरे देश पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की स्थिति में है। उन्होंने हूतियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मौजूदा कदमों के परिणाम उन्हें भुगतने होंगे। ताइज को ईरान समर्थित गतिविधियों का रास्ता नहीं बनने देने की बात भी उन्होंने कही।

अल-जिराही में भी घमासान, ड्रोन से हमले

सरकार के सूचना मंत्रालय के उप सचिव फयाद अल-नुमान के मुताबिक, आसपास के अल-जिराही इलाके में सरकारी सैनिकों ने कई हूती लड़ाकों को पकड़ा है। इसके बाद यहां जवाबी कार्रवाई भी शुरू हुई। ताइज और लहज के अलग-अलग हिस्सों में हूती ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर है।

यमनी मीडिया के अनुसार सरकारी ड्रोन ने अल-जिराही के दक्षिण में हूती लड़ाकों की मदद के लिए पहुंच रहे सुदृढ़ीकरण दलों को निशाना बनाया। ताइज में भारी विस्फोटों की आवाज सुनाई देने के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से नए हथियार प्रणालियों की तैनाती की भी चर्चा हुई।

60 से ज्यादा मौतें, नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित

इस संघर्ष का सबसे भयावह पहलू इसका मानवीय असर है। एएफपी (AFP) समाचार एजेंसी के अनुसार शनिवार को ताइज में हुई झड़पों में 60 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें आम नागरिक भी शामिल थे। यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा (Saba) ने बताया कि ताइज और अदन को जोड़ने वाली सड़क पर नागरिकों के एक जमावड़े पर हूती गोलाबारी में चार लोगों की मौत हुई और नौ अन्य घायल हुए।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के मुताबिक, महज दो दिनों में हिंसा के कारण करीब 1,800 परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इससे साफ है कि सैन्य टकराव के साथ विस्थापन और मानवीय संकट भी तेजी से बढ़ रहा है।

सरकार ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की दिशा में किसी भी हूती गतिविधि के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे संघर्ष का असर यमन की सीमाओं से आगे लाल सागर और वैश्विक समुद्री मार्गों पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

Updated on:
06 Sept 2026 12:40 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:26 pm