Iran-Israel War में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री भी हो गई है। उन्होंने इजरायल के हाइफा शहर को निशाना बनाया है।
Iran-Israel War: ईरान इजरायल जंग में एक और मोर्चा खुल गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर हमला किया है। उन्होंने इजरायल की यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया है। इजरायल के हाइफा पर यमन के हूती विद्रोहियों ने मिसाइल से हमला किया है।
इजराइली सेना ने कहा कि ऑपरेशन रोअरिंग लायन शुरू होने के एक महीने बाद हूती विद्रोहियों द्वारा किया गया पहला हमला है। इजरायली मीडिया ने रिपोर्ट किया कि जैसे ही यमन की ओर से इजरायल पर मिसाइलें दागी गईं, एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें नष्ट कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों के हमले में किसी हताहत या सीधे नुकसान की खबर नहीं है।
हूतियों ने कहा कि हम पुष्टि करते हैं कि हमारा हाथ ट्रिगर पर है। हम सीधे सैन्य हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं। ईरानी प्रेस टीवी के हवाले से सरी ने तीन मुख्य शर्तें बताईं जिनके उल्लंघन पर यमन हस्तक्षेप करेगा। पहला- ईरान और प्रतिरोध समूहों के खिलाफ बढ़ती अमेरिकी-इजराइली आक्रामकता। दूसरा- संघर्ष में अन्य पक्षों का शामिल होना। तीसरा- लाल सागर का इस्तेमाल ईरान या अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के लिए।
ऑपरेशन रोअरिंग लायन के दौरान इजराइल और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगी समूह सक्रिय हुए हैं। हूती विद्रोही लंबे समय से लाल सागर में जहाजों पर हमले कर रहे हैं और इजराइल को निशाना बना रहे हैं।
हूती विद्रोही, आधिकारिक तौर पर अंसार अल्लाह के नाम से जाने जाते हैं, यमन के उत्तरी क्षेत्र (सादा) से उभरा एक ज़ैदी शिया आंदोलन है। 1990 के दशक में हुसैन बद्रुद्दीन अल-हूती द्वारा शुरू, यह यमन सरकार की भ्रष्टाचार, सऊदी प्रभाव और अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ था। 2004 से सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। 2014 में उन्होंने राजधानी सना पर कब्जा किया और अब यमन के बड़े हिस्से (उत्तर और मध्य) तथा आबादी पर नियंत्रण रखते हैं। उनका नारा “ईश्वर महान है, अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद” है। वे ईरान के एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस का हिस्सा हैं।