
Illegal Indian Immigrants
अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 निर्वासित अवैध भारतीय प्रवासियों के पहले जत्थे के तौर पर को 104 भारतीयों को लेकर बुधवार को अमृतसर पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि निर्वासितों में से 30 लोग पंजाब से हैं, 33-33 हरियाणा और गुजरात से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से और दो चंडीगढ़ से हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद, वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश करने वालों पर कार्रवाई करने के आदेश देने के बाद यह अवैध भारतीय प्रवासियों का पहला जत्था है, जिसे निर्वासित किया गया है।
कुछ दिन पहले अवैध प्रवासियों को सेना के विमानों से ग्वाटेमाला, पेरु व होंडूरास भेजा जा चुका है। अब भारत का नंबर है। अमरीका के इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट (आइसीई)) ने 15 लाख अवैध प्रवासियों की प्रारंभिक सूची तैयार की है। इनमें 18,000 भारतीय शामिल हैं। भारत सरकार कह चुकी है अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें वापस लेने के लिए वह ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने को तैयार है।
पंजाब के कई लोग, जो लाखों रुपये खर्च करके ‘डोंकी मार्गों’ या अन्य अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश कर गये थे, वे अब निर्वासन का सामना कर रहे हैं। विमान से लाये गये 80 प्रतिशत अवैध प्रवासी 20 और 30 वर्ष की उम्र के हैं, जबकि 12 लोग 16 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें चार और पांच साल की उम्र के दो बच्चे शामिल हैं। कुल 104 यात्रियों में से 12 प्रवासी 16 साल से कम के है, जिनमें चार और पांच साल के दो बच्चे भी शामिल हैं। एक चार साल का बच्चा गुजरात के मेहसाणा का रहने वाला है।
विमान में सबसे उम्रदराज यात्री मुंबई के 44 वर्षीय गुरविंदर सिंह हैं। पंजाब के 30 मूल निवासियों में से सबसे ज्यादा छह लोग राज्य के दोआबा के एनआरआई बेल्ट में कपूरथला जिले के हैं। पांच निर्वासित अमृतसर के निवासी हैं, चार-चार जालंधर और पटियाला से, दो-दो होशियारपुर तथा लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर से और एक-एक फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर और तरनतारन से हैं।
Published on:
05 Feb 2025 07:50 pm
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