6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

पाकिस्तानी कबूतरबाज की मोदी से गुहार- मुझे मेरा कबूतर वापस दे दो

- ईद के दिन उड़ाया था पाकिस्तान से कबूतर - जम्मू की कठुआ सरहद पर जम्मू पुलिस ने पकड़ा - सोशल मीडिया पर कबूतर वापसी की गुहार - वापस न किया तो सीमा पर करेगा विरोध प्रदर्शन

2 min read
Google source verification
kabootar

Pakistani kabootar

अमृतसर। ईद के दिन जम्मू के कठुआ में एक पाकिस्तानी कबूतर पकड़ा गया। कबूतर के मालिक ने सोशल मीडिया के जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है- मोदी साहब! मुझे मेरा कबूतर वापस कर दीजिए। मैं उसे बहुत प्यार करता हूं। वह मेरे परिवार का सदस्य है...। यह मेरी जान है । इससे मुझे बहुत प्यार है। यह तो बेजुबान जानवर हैं। इन्हें क्या पता कि सरहदें क्या होती हैं। एसएसपी कठुआ शैलेंद्र के अनुसार यह कबूतर कंटीली तार के नजदीक से पकड़ा गया था।

जासूसी के लिए नहीं गया

ईद के दिन जम्मू-कश्मीर के कठुआ के मनियारी गांव में एक पाकिस्तानी कबूतर पकड़ा गया था। सुरक्षा एजेंसियों को इसके जरिए जासूसी का शक था। यह शक उस समय हवा हो गया जब पाकिस्तान के नारोवाल जिले के गांव बंगा शरीफ निवासी हबीबउल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वीडियो में पाकिस्तान के रहने वाले हबीबउल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कबूतर को रिहा कर उसे लौटाने की गुहार लगाई है। उसने अपने आपको कबूतर का मालिक भी बताया। उसने वीडियो में यह भी कहा कि मेरा कबूतर पाकिस्तान में कहीं भी चला जाए, लोग मुझे फोन के जरिए संपर्क कर वापस दे देते हैं। वीडियो में पीएम को संबोधित करते हुए हबीबउल्ला कह रहा है कि मोदी साहब! मेरा कबूतर वापस करो, मैं उससे बहुत प्यार करता हूं। उसने कहा कि मैं कबूतर पालता हूं। यह कबूतर उसके घर से उड़ा और कठुआ के मनियारी गांव पहुंच गया। जहां उसे पुलिस ने जासूस समझकर कब्जे में ले लिया है। पक्षी सीमाओं के बंधन से मुक्त हैं। इस पाकिस्तानी युवक ने कहा कि उसका कबूतर जासूसी के लिए नहीं गया था।

बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन करेगा

जिस नस्ल का कबूतर मनियारी में पकड़ा गया, उसी नस्ल के कई और कबूतर उसके घर में हैं, जिनको उसने वीडियो में दिखाया। इस नस्ल के 100 से अधिक कबूतर उसके पास हैं। इन कबूतरों की निगरानी के लिए उसने पैरों में रिंग बांध रखा है और अपना मोबाइल नंबर व नाम भी लिखा है, ताकि खो जाने पर उसका कबूतर वापस मिल सके। हबीबउल्ला ने पाकिस्तान सरकार से भी आग्रह किया उसके कबूतर को वापस लाने के लिए भारत सरकार से बात करें। यदि उसका कबूतर नहीं मिला तो वह बॉर्डर पर जाकर विरोध प्रदर्शन करेगा।

अटारी सेक्टर में पाले जा रहे कबूतर

भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती गांव के लोगों में कबूतर पालने की दशकों पुरानी परंपरा है। अमृतसर में अटारी सेक्टर के कई सीमावर्ती गांव के लोगों आज भी अलग-अलग नस्ल के कबूतर पालते हैं। कबूतर पालने के शौकीन इन कबूतरों के बीच कई प्रतियोगिता करवाते हैं। कई बार कबूतर उड़कर सीमा पार भी चले जाते हैं।