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एसजीपीसी ने नानक के मित्र भाई मरदाना के परिवार को दी 4 महीने की सहायता राशि

सिक्ख इतिहास में जहां गुरु नानक देव जी का नाम बड़ी ही श्रद्वा तथा सम्मान से लिया जाता है वहीं भाई मरदाना जी का नाम भी बहुत ही अदब तथा प्यार से लिया जाता है। मनुष्यता के हित के लिए गुरू नानक देव जी ने कई-कई मील लम्बी यात्राएं की।

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एसजीपीसी ने नानक के मित्र भाई मरदाना के परिवार को दी 4 महीने की सहायता राशि

एसजीपीसी ने नानक के मित्र भाई मरदाना के परिवार को दी 4 महीने की सहायता राशि

अमृतसर( धीरज शर्मा ): सिक्ख इतिहास (History of Sikhs) में जहां गुरु नानक देव जी ( Guru Nanak Dev ) का नाम बड़ी ही श्रद्वा तथा सम्मान से लिया जाता है, वहीं भाई मरदाना जी ( Bhai Mardan) का नाम भी बहुत ही अदब तथा प्यार से लिया जाता है। मनुष्यता के हित के लिए गुरू नानक देव जी ने कई-कई मील लम्बी यात्राएं की। इस सफर में गुरू जी का डट कर साथ देने वाले (अभिन्न साथी) भाई मरदाना जी का नाम सब से पहले लिया जाता है। भाई मरदाना जी का पहला नाम भाई मरदाना था। उनका जन्म 6 फरवरी साल 1459 (संवत् 1516) को राय-भोंई की तलवंडी (ननकाना साहिब) पाकिस्तान के चौभड़ जाति के मिरासी मीर बादरे एवं माता लख्खो के घर हुआ। भाई साहब अपने माता-पिता की सातवीं संतान थे। इस परिवार में पहले छह बच्चे होकर गुजऱ गये थे,सो सातवीं संतान को बचाने के मकसद से इस बच्चे का नाम रखा गया 'मर जाणा'।

वंशज मौजूद हैं पाक में
गुरु नानक देव जी के मित्र भाई मरदाना जी के वंशज आज भी पाकिस्तान में मौजूद हैं। पाकिस्तान सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। पाकिस्तान सरकार द्वारा इस परिवार की सुध ना लिए जाने पर बाबे नानक के 550 वे प्रकाश पर्व पर एसजीपीसी की ओर से 5 महीने की सहायता राशि भेंट की गई । जानकारी के अनुसार गुरु नानक देव जी के मित्र जोकि बाबा नानक के जन्म स्थान ननकाना साहब से उनके साथ रहे उनके वंशज आज भी वहां कीर्तन करते हैं और कीर्तन से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। एसजीपीसी पदाधिकारियों से मिलने के बाद भाई मरदाना के वंशजों की खुशी का ठिकाना ना रहा।

हर महीने सहायता मिलेगी
एसजीपीसी सदस्यों ने इस परिवार की हालत देखते हुए हर महीने इस परिवार को 21000 महीना सहायता देने का फैसला लिया। एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोविंद सिंह लोंगोवाल ने एसजीपीसी मेंबरों के साथ मिलकर यह राशि इस परिवार को दी। इस मौके पर बोलते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल ने कहा की बड़ी खुशी का मौका है कि हमें बाबा नानक के 550 वे प्रकाश पर्व पर बाबा नानक के मित्र रहे भाई मरदाना के वंशजों से मिलने का मौका मिला उनकी सहायता कर बाबे नानक के 550 वे प्रकाश पर्व को मनाया है।