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Asia Cup 2023: एशिया कप 2023 टूर्नामेंट के बाद जेल जा सकता है UP का ये धुंआधार गेंदबाज

Asia Cup 2023: उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे तेज गेंदबाज मो. शमी एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। इस टूर्नामेंट का फाइनल 17 सितंबर कोलंबो में खेला जाएगा। इसके बाद मो. शमी को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना होगा। आइये जानते हैं पूरा मामला...

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Before Asia Cup 2023 cricket tournament Haseen Jahan had sent summons to Mohd Shami from Supreme Court

हसीन जहां से मारपीट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तेज गेंदबाज मो. शमी के खिलाफ जारी किया नोटिस

Asia Cup 2023: उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे तेज गेंदबाज मो. शमी एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। इस टूर्नामेंट का फाइनल 17 सितंबर कोलंबो में खेला जाएगा। इसके बाद मो. शमी को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना होगा। इससे मोहम्मद शमी के लिए‍ टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि वह 30 अगस्त से शुरू हुए एश‍िया कप में टीम इंडिया का हिस्सा हैं। वहीं उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ वनडे सीरीज और वर्ल्ड कप में भी वो टीम इंडिया का अहम हथ‍ियार होंगे। ऐसे में अब शमी को 22 सितंबर से पहले कोर्ट से अपनी जमानत लेनी होगी।


2011 में शमी और हसीन जहां की मुलाकात हुई थी। तब हसीन जहां कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) टीम की चीयरलीडर थीं। यहीं से लव स्टोरी शुरू हुई और 2014 में दोनों ने निकाह कर लिया। फिर हसीन जहां ने मॉडलिंग और प्रोफेशनल लाइफ छोड़ दी। इसके कुछ दिनों बाद ही मो. शमी और हसीन जहां में विवाद शुरू हुआ। इसके बाद 2018 में हसीन जहां ने फिर से अपने प्रोफेशन में वापसी की और मो. शमी से अलग रहने लगीं। इसी बीच उन्होंने मो. शमी और उनके भाई के खिलाफ कोलकाता में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मो. शमी और उनके भाई के खिलाफ समन जारी किया है।


पत्रिका उत्तर प्रदेश से बातचीत में मो. शमी की पत्नी हसीन जहां ने बताया कि शमी से विवाद होने के बाद उन्होंने मो. शमी पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और उनके भाई पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। कोलकाता पुलिस ने धारा 498, 354 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसमें कोलकाता हाईकोर्ट ने शमी को राहत दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में 23 अगस्त को मो. शमी और उनके भाई के खिलाफ समन जारी कर एक महीने के भीतर कोर्ट में उपस्थित होने को कहा था। कानून के जानकार बताते हैं कि समन जारी होने के 30 दिन के भीतर ऐसे मामलों में आरोपी पक्ष को अपनी जमानत करानी होती है।