अनूपपुर। बंगाल से झारखंड के रास्ते छत्तीसगढ़ और मप्र के कोतमा वनपरिक्षेत्र पहुंचे ४२ हाथियों का झुंड पिछले डेढ माह से कोतमा वनपरिक्षेत्र के टांकी बीट स्थित महानीम कुंडी के जंगलों में अपना रहवास बना रखा है। जो नियमित शाम के समय आसपास के दर्जनों गांवों में आहार के लिए विचरण करते हुए पांच सैकड़ा से अधिक किसानों की फसलों व घरों को नुकसान पहुंचा चुका है। इसी क्रम में रविवार १४ नवम्बर को हाथियों का झुंड महानीम कुंडी के जंगल से निकलकर फुलकोना पंचायत के फुलवारीटोला स्थित पेट्रोल पंप एवं आमाडांड ओसीएम के बीच गुजरी मनेन्द्रगढ़-मारवाही मुख्य मार्ग को पार कर खोड्री नम्बर ०२ और कोहका गांव की ओर रूख किया। जहां खोड्री नम्बर २ और कोहका गांव में लगी धान की फसलों को अपना आहार बनाया है। इस दौरान हाथियों के झुंड के सडक़ पार करने के दौरान वहां से गुजर रहे लोगों की आवाजाही आधा घंटा तक बाधित हो गई। हाथियों की निगरानी में लगे वनअमले ने वनपरिक्षेत्राधिकारी कोतमा परिवेश सिंह भदौरिया को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे वनपरिक्षेत्राधिकारी ने दोनों दिशाओं की ओर से आवाजाही को रोकते हुए हाथियों को सुरक्षित सडक़ पार कराया। वन परिक्षेत्राधिकारी का कहना है कि इस दौरान हाथियों को किसी प्रकार से परेशान किए जाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है। जिसे देखते हुए यातायात को रोक दिया गया। बताया जाता है कि इससे पूर्व भी १३ नवम्बर की रात हाथियों के झुंड ने सडक़ पार करते हुए खोड्री और कोहका की ओर विचरण किया था। [typography_font:18pt;" >----------------------------------------------------