
अनशन समाप्त: एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पर झुका रेलवे प्रशासन, मांगा तीन माह का समय
अनशनकारियों की मांग में रेल मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव, रैली निकाल जताया आभार
अनूपपुर। लम्बी दूरी की ट्रेनों के जैतहरी रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग में २५ सितम्बर से नगर विकास मंच द्वारा आरम्भ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आखिरकार एआरएम शहडोल द्वारा मांगे गए तीन माह की मोहल्लत के बाद ३० सितम्बर को समाप्त हो गया। अनशनकारियों ने एआरएम द्वारा रेल मंत्रालय नई दिल्ली को भेजे गए पत्र पर सहमत जताते हुए ३० सितम्बर रविवार की सुबह प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को स्थगित कर जैतहरी थाना में ज्ञापन सौंपा। वहीं नगर में रैली निकाली तथा रेल प्रबंधन व जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। दपूमरे बिलासपुर द्वारा रेल मंत्रालय को भेजे गए पत्र में दो लम्बी दूरी के ट्रेनों पुरी-हरिद्वार, हरिद्वार-पुरी (कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस १८४७७-७८) तथा गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस, बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (१५२३१-१५२३२)को शामिल किया है। जिसमें रेल प्रबंधन ने अनशनकारियों को अश्वस्त किया है कि उनकी मांगों को रेल मंत्रलाय के पास विचार के लिए भेजा गया है। जिसमें रेलवे द्वारा मांगों पर विचार विमर्श कर हर सम्भव पूरा करने पर सहमति प्रदान की जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए रेलवे को कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय चाहिए। एआरएम के आश्वासन पत्र के साथ कोतमा एसडीएम द्वारा अनशनकारियों से रेलवे की अपील पर मान लेनेे तथा अपना अनशन समाप्त करने की अपील पर अनौपचारिक तौर पर अनशनकारियों ने शनिवार की रात अपना अनशन समाप्त कर दिया था। वहीं अनशन के समाप्त होने के उपरांत जहां पावर प्लांट के पदाधिकारियों ने राहत महसूस की वहीं जिला प्रशासन ने भी नए विवाद को जन्म होने से पहले समाप्त कर दिया। फिलहाल अनशनकारी रेलवे आश्वासन पत्र के आधार पर अपना अनशन समाप्त कर घर वापस लौट गए हैं। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर रेलवे और जिला प्रशासन के आश्वासन बाद भी जैतहरी के लिए टे्रनों का ठहराव नहीं हुआ तो आगे तीन माह बाद इस आंदोलन का स्वरूप वृहत होगा।
कलेक्टर अनुग्रह पी का कहना है कि लम्बी दूरी की टे्रनों के ठहराव को लेकर नगर विकास मंच द्वारा किए जाने वाले अनशन में प्रशासनिक स्तर पर डीआरएम बिलासपुर से चर्चा कर समस्या के निदान की अपील की गई। जिसमें रेलवे बिलासपुर ने तत्काल ही मामले में पत्र रेल मंत्रालय को भेजा। इस दौरान हमने भी नगर विकास मंच के सदस्यों को समझाते हुए रेलवे द्वारा मांगी गई मोहल्लत पर विचार कर अपना अनशन समाप्त करने की अपील की। हालंाकि जिला प्रशासन का मानना था कि ३० सितम्बर को रेल रोको आंदोलन से रेल यातायात प्रभावित हो सकता था। जिसे रेल प्रशासन ने सूझबूझ से समाधान निकाला। विदित हो कि बिलासपुर-कटनी रेल खंड के जैतहरी रेलवे स्टेशन से लगभग आधा सैकड़ा लम्बी दूरी की ट्रेने गुजरती हैं। जिसमें एक भी ट्रेन का ठहराव जैतहरी रेलवे स्टेशन पर नहीं है। इससे जैतहरी के आधा सैकड़ा से अधिक गांव के यात्रियों को लम्बी दूरी की ट्रेन सफर के लिए अनूपपुर रेलवे स्टेशन आना पड़ता है। पूर्व में जनप्रतिनिधियों सहित रेलवे प्रबंधन अधिकारियों से भी जैतहरी रेलवे स्टेशन पर लम्बी दूरी के एक्सप्रेस ट्रेनों जिसमें पुरी-हरिद्वार कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस, बरौनी-गोंदिया, छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस आदि के ठहराव को लेकर चर्चा की थी। जिसमें रेलवे अधिकारियों ने ठहराव को लेकर आश्वासन दिया था। लेकिन वर्ष २०१८-१९ रेल बजट के बाद भी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जैतहरी के लिए प्रस्तावित नहीं हुआ था। जिससे नाराज नगर विकास मंच जैतहरी के युवाओं ने २० सितम्बर को जल सत्याग्रह करते हुए २५ सितम्बर से आमरण अनशन आरम्भ की थी। यहीं नहीं अनशनकारियों के साथ जैतहरी के ग्रामीणों ने ट्रेन नहीं तो वोट नहीं की चेतावनी देते हुए आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही थी।
Published on:
01 Oct 2018 08:10 pm
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