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ई-फार्मेसी के विरोध में बंद रही दवा दुकान

सौंपा ज्ञापन

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Drug shop in protest against e-pharmacy

ई-फार्मेसी के विरोध में बंद रही दवा दुकान

अनूपपुर. ई-फार्मेसी के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के एकदिनी बंद के आह्वान पर अनूपपुर जिले में भी दवा वितरकों ने अपनी दुकानें बंद रखी। मेडिकल दुकानें सुबह से बंद रही, जिसके कारण दिनभर मरीजों व परिजनों को दवाईयों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। बंद के आह्वान पर जिले के चारों विकासखंड में पंजीकृत लगभग २३० दवा दुकानें बंद रहें। शुक्रवार को जिलेभर के मेडिकल स्टोस संचालकों ने अनूपपुर जिला मुख्यालय पहुंचकर दोपहर पैदल मार्च करते रैली निकाली तथा भारत सरकार के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन एसडीएम नदीमा शिरी ने ग्रहण किया। ज्ञापन सौंपने वालों में दवा विक्रेता संघ अध्यक्ष अनूपपुर विनोद कुमार शर्मा, सचिव राजेश जैन तथा संगठन सचिव दीपक कुमार सोनी सहित सैकड़ो संगठन सदस्यों ने मप्र. केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से जारी सुझावों में ऑन लाईन दवा बिक्री को बंद कराने की अपील की।
साथ ही आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा २८ अगस्त को नोटिफिकेशन जारी करते हुए बिना जांच परख के ई-फार्मेसी दवा बिक्री के नियमित किए जाने के प्रस्ताव बना डाले। इसमें ऑनलाईन पोर्टल बगैर किसी जवाबदारी के दवा के पर्चो की प्रमाणिकता परखे दवा उपलब्बध कराया जाता है। एमटीपी किट, सिडनेफिल, ताडलफिल, कोडीन जैसी आदत डालने वाली दवाईयों को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के पर्चे के बगैर बेचा जाता है। प्रति पर्चे कमीशन के लिए मरीजों की जांच के बगैर नकली पर्चे तैयार किए जाते हैं, ऑनलाईन पोर्टल खुलेतौर पर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन अधिनियम की धारा १८ सी के प्रावधानों का उल्लंधन है।
जिसमें बिना किसी वैद्य लायसेंस के दवा की बिक्री या वितरण या स्टॉक का संगहण ऑफर करने पर रोक होती है। ऑनलाईन दवा वितरण से बड़े-बड़े धनाढ्य लोगों का प्रभाव इसमें हावी रहेगा। यानि कुल मिलाकर ऑनलाईन दवा व्यापार, स्वास्थ्य से खिलवाड़, युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से रोकने, दवा विक्रेताओं की आजीविका तथा पेशंट कोंसिलिंग को जारी रखने के साथ अनैसर्गिक प्रतिस्पर्धा के विरोध में यह बंद किया गया था। भारत सरकार के इस नोटिफिकेशन को लेकर ऑल इंडिया कमिस्ट एसोसिएशन ने अपना विरोध जताया था।
एक ओर ई-फार्मेसी के खिलाफ मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, वहीं दवाओं के लिए मरीजों को परेशानियां का सामना करना पड़ा। मरीज सुबह से ही डॉक्टरों के क्लीनिक पहुंचने आरम्भ हो गए थे, लेकिन उन्हें बंद का आभास नहीं था, मेडिकल दुकानों के बंद होने के कारण मरीज व परिजनों को बिना दवाई के ही वापस घर लौटना पड़ा।
इनका कहना है
हमने ज्ञापन सौंप दिया है, संगठन के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें ई-फार्मेसी को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार की ई-फार्मेसी नीति केवल दवा व्यवसाय को नुकसान नहीं बल्कि मानवता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक होगा।
विनोद कुमार शर्मा, अध्यक्ष मप्र. केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन जिला ईकाई अनूपपुर।