20 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इलाकेदार की कोठी बनी तो गांव का नाम पड़ा कोठी, गांव में 400 साल पुरानी बनी है कोठी

150 गांव के बीच था प्रमुख केन्द्र, आसपास के पंचायतों में सबसे पुराना पंचायत

less than 1 minute read
Google source verification
Kothi of local area became Kothi, the name of the village is Kothi, Ko

इलाकेदार की कोठी बनी तो गांव का नाम पड़ा कोठी, गांव में 400 साल पुरानी बनी है कोठी

अनूपपुर। कोतमा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कोठी का नाम यहां बने इलाकेदार की कोठी(हवेली) के नाम पर पड़ा है, जो आज भी अच्छी हालत में गांव में स्थित है। इसके कुछ कमरों की हालत देखरेख के अभाव में भले ही खराब हो गई है, लेकिन इलाकेदार का यह रिहायशी मकान आज भी गांव के मध्य में स्थित अपनी शानोशौकत को बयां करने के साथ अपनी पीढिय़ों का भी बता रहा है। जहां उनके पारिवारिक सदस्य आज भी निवासरत है। स्थानीय ग्रामीणों तथा परिवार के सदस्य प्रज्ञान सिंह ने बताया कि उनके पूर्वजों के द्वारा 400 वर्ष पूर्व इस कोठी का निर्माण कराया गया था। जिसमें सबसे पहले इलाकेदार ठाकुर विष्णु कुमार सिंह उनके बाद शिव कुमार सिंह तथा चंद्र कुमार सिंह यहां के इलाकेदार हुए और सूर्य कुमार सिंह यहां के अंतिम इलाकेदार रहे। जिसके बाद 1947 के बाद राजशाही व्यवस्था समाप्त हो गई।
बॉक्स:150 गांव के बीच था प्रमुख केंद्र
स्थानीय निवासी एडवोकेट रमेश गुप्ता ने बताया कि आज भले ही इस कोठी की दीवारें जर्जर व धूल से भरी है। लेकिन कभी यह 150 गांव के बीच सत्ता का प्रमुख केंद्र हुआ करती थी। वर्तमान में इस कोठी में अंतिम इलाकेदार सूर्य कुमार सिंह के परिजन निवासरत है।
बॉक्स: आसपास के पंचायतों में सबसे पुराना गांव
स्थानीय निवासी उमेश शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत कोठी आसपास के क्षेत्र का सबसे पुराना गांव है । ग्राम पंचायत कोठी में वर्तमान समय में लगभग 3000 की आबादी निवासरत है तथा गांव में 20 वार्ड हैं । पूर्व में यहां सिर्फ इलाकेदार की कोठी हुआ करती थी। लेकिन अब आसपास ग्रामीणों ने भी अपना निवास बना लिया है।
-----------------------------------