
सूदखोरी की शिकायत के बाद गुरुवार को एसडीओपी आरती शाक्य के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों ने सूदखोर एवं फंड माफियाओं के पांच ठिकानों पर सुबह 6 बजे रेड कार्रवाई की। चार स्थानों पर पुलिस को को जानकारी नहीं मिली। लहसुई निवासी पूर्व सदर मोहम्मद इकबाल अहमद के घर से कालरी श्रमवीरों के बैंक पासबुक, हस्ताक्षर युक्त चेक, कई बिना हस्ताक्षर चेकबुक, आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, वेतन स्लिप के साथ 3 लाख 18 हजार 940 रुपए जब्त किए गए। पूर्व सदर के पुत्र मोहम्मद मुस्तान खान उम्र 44 वर्ष के खिलाफ धारा 318 (4), 308 (5) बीएनएस एवं 3/4 मध्य प्रदेश ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। सूदखोरी के गढ़ कहे जाने वाले लहसुई गांव में पुलिस की छापेमारी से सूदखोरों में हड़कंप मच गया। कई चर्चित सूदखोर एवं फंड माफिया पासबुक, एटीएम एवं पेमेंट स्लिप को छिपाने में सफल रहे। पुलिस को इनके घरों से कोई दस्तावेज नहीं मिला।
पुलिस अधीक्षक को क्षेत्र में काफी दिनों से सूदखोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही थी जिसमें 10 से 20 प्रतिशत की ब्याज दर पर कॉलरी कर्मचारियों को जाल में फंसाकर की बात कही जा रही थी। फरियादी बृजलाल केवट पिता फत्तेलाल केवट उम्र 53 वर्ष निवासी गोविन्दा कालोनी आमाडाड़ कोतमा की रिपोर्ट पर मोहम्मद मुस्तान पर कार्रवाई की गई है। शिकायत में कहा गया था कि 50 हजार रूपए की उधारी 20 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर दिया गया था। बदले में कई दस्तावेज अपने पास रख लिए थे। ब्याज की राशि समय पर न दे पाने के कारण आरोपी आए दिन घर आकर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था। शिकायत में यह भी बताया गया था कि सूदखोर ने अन्य लोगों के पासबुक, आधार कार्ड, वेतन स्लिप भी अपने कब्जे में रखा है।
Updated on:
09 May 2025 11:57 am
Published on:
09 May 2025 11:56 am
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