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11 दिनों से ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बंद, भुगतान न होने से मजदूरों ने छोड़ा काम

अनूपपुर. फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य लगातार लेटलतीफ का शिकार होता जा रहा है। बीते 5 वर्षों से यह कार्य चल रहा है लेकिन आज तक कार्य आधा भी नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य दो हिस्सों में है, जिसमें सड़क के दोनों हिस्से का कार्य सेतु निर्माण विभाग कर रहा है। वहीं रेलवे लाइन […]

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अनूपपुर. फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य लगातार लेटलतीफ का शिकार होता जा रहा है। बीते 5 वर्षों से यह कार्य चल रहा है लेकिन आज तक कार्य आधा भी नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य दो हिस्सों में है, जिसमें सड़क के दोनों हिस्से का कार्य सेतु निर्माण विभाग कर रहा है। वहीं रेलवे लाइन की सीमा में स्थित निर्माण कार्य रेलवे विभाग कर रहा है। दो विभागों के बीच निर्माण कार्य होने के कारण लगातार यह लेटलतीफी का शिकार होता जा रहा है। रेलवे के हिस्से में जो ब्रिज निर्माण कार्य किया जा रहा है उसका कार्य बीते 11 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। कार्यस्थल पर वर्तमान समय में सिर्फ दो मजदूर उपस्थित हैं जो कि यहां पर रखे हुए सामान की रखवाली कर रहे हैं। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार ने मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं किया जिसके कारण मजदूर कार्य छोड़कर अपने घरों को चले गए हैं। समीक्षा के बावजूद नहीं सुधर रही है स्थिति निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर के पूर्व में ओवर ब्रिज निर्माण संघर्ष समिति ने इसको लेकर आंदोलन किया था। इसके बाद प्रत्येक सप्ताह कार्य की समीक्षा किए जाने के निर्देश कलेक्टर ने दिए थे। दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक भी कलेक्टर ने लेते हुए समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द इसे पूर्ण करने के लिए कहा था बावजूद इसके लगातार यह कार्य समय सीमा के बाद भी अधूरा है। व्यापार व आवागमन प्रभावित, करेंगे विरोध आश्वासन के बावजूद निर्माण कार्य में कोई प्रगति होता ना देख एक बार फिर से नगर वासियों ने इसको लेकर आंदोलन का मन बना लिया है। इसे लेकर नगर वासियों ने सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कर आते हुए आंदोलन की चेतावनी भी फिर से जिला प्रशासन और निर्माण से संबंधित विभागों को दी है। नगर वासियों का कहना है कि फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य की वजह से नगर का व्यापार और आवागमन दोनों ही प्रभावित हो रहा है। नगर वासियों को नगर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।