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अप्रेल 2024 में पूर्ण होना था सड़क निर्माण, एक साल बाद भी 40 फीसदी ही हुुआ काम

लांघा टोला से केलमनिया तक 52 किलोमीटर सड़क न बनने से लोग हो रहे परेशान

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पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत लांघा टोला से केलमनिया बीच अब तक सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। वर्ष 2022 में इस 52 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था। इसे अप्रेल 2024 अप्रेल में पूर्ण होना था, लेकिन ठेकेदार की लेट लतीफी के कारण समयसीमा पूर्ण होने के एक वर्ष बाद भी 40 फीसदी कार्य ही हुआ है। सड़क निर्माण न होने की वजह से स्थानीय राहगीरों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर कई बार स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने आंदोलन करने के साथ ही ठेकेदार की धीमी कार्य प्रणाली पर विरोध भी दर्ज कराया था। एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जल्द ही इसे पूर्ण करने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक सड़क का निर्माण कार्य सिर्फ 40 प्रतिशत ही पूर्ण हो पाया है। देरी पर विभाग ने दो बार ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूर्ण होने पर पेनल्टी राशि की वसूली भी की जाएगी। बताया जाता है कि विभाग से अब तक दो बार ठेकेदार को सड़क निर्माण कार्य के लिए भुगतान किया गया है।

हो चुका आंदोलन भी

2 महीने पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह ने सड़क निर्माण में हो रही लेट लतीफ को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए आंदोलन किया था। मौके पर पहुंचे एमपी आरडीसी के अधिकारियों ने 30 जून 2025 तक सड़क निर्माण पूर्ण कर लिए जाने का लिखित आश्वासन दिया था। निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने फिर से आंदोलन प्रारंभ कर दिया। एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने अब दिसंबर तक इसे पूर्ण करने की बात कही है। एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।

176 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा निर्माण

लांघा टोला से केलमनिया मार्ग का निर्माण 176 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 52 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 24 महीने के भीतर करना था लेकिन यह कार्य समय सीमा बीत जाने के बावजूद नहीं हो पाया है। यह सड़क इस क्षेत्र के लगभग 80 ग्राम पंचायत को जोड़ती है जो जनपद मुख्यालय एवं तहसील राजेंद्र ग्राम तक आने जाने का मुख्य मार्ग है। सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश में तो यह परेशानी और भी बढ़ जाती है।

बैंक से लोन लेने के कारण हो रहा है विलंब

एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत सिर्फ 60 प्रतिशत राशि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार को भुगतान की जाएगी। शेष राशि 10 वर्षों के बाद भुगतान करने का प्रावधान है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार के पास रुपए नहीं होने के कारण बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया में ठेकेदार को काफी समय लग गया। लोन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है और आगामी कुछ दिनों में ठेकेदार को लोन राशि प्राप्त हो जाने के बाद सड़क निर्माण के कार्य शुरू करने की बात कही जा रही है।

अभी तक 40 प्रतिशत कार्य किया गया है, दिसंबर तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। ठेकेदार बैंक से लोन ले रहा है जिसमे समय लग गया। 1 सप्ताह में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पेनल्टी लगाई गई है राशि का निर्धारण अंतिम भुगतान के पूर्व कर कटौती की जाएगी। अवधेश स्वर्णकार, महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी

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