
कहीं डॉक्टर ने खुद दिया रक्त, कहीं आधी रात को जागकर युवक ने रक्त दे बचाई मरीज की जान
अशोकनगर. खून (रक्त ) की कमी से जूझ रहे मरीजों की मदद के लिए शहर के रक्तदाताओं के जुनून का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रसूता महिला को रक्त की ज्यादा जरूरत थी, जब परिजन रक्त की व्यवस्था नहीं कर पाए तो डॉक्टर ने खुद ही रक्तदान किया। वहीं फोन की घंटी सुनकर आधी रात को जागे युवक ने अस्पताल में रक्तदान कर मरीज की जान बचाई।
प्राईवेट नर्सिंग होम में भर्ती प्रसूता विंदेश अहिरवार को प्रसव के बाद रक्त की जरूरत थी, स्थिति खराब होती देख डॉ.रमेश कोहली ने खुद ही प्रसूता को रक्तदान किया। प्रसूता को तीन यूनिट रक्त लगना है, जिसमें से एक यूनिट रक्त डॉक्टर ने खुद दिया।
वहीं अस्पताल में भर्ती भरियाखेड़ी निवासी सुखबिंदर कौर को रात में रक्त की जरूरत थी, प्रियेश ब्लड़ हेल्प ग्रुप को जानकारी मिली तो प्रियेश शर्मा ने रात 12 बजे फोन कर शहर के सत्येंद्र शर्मा को जगाया। इस पर सत्येंद्र शर्मा ने आधी रात को ही अस्पताल पहुंचकर महिला मरीज के लिए रक्तदान किया। यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं, बल्कि शहर के रक्तदाता इसी तरह से आए दिन मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान करते दिखते हैं।
तीन सिख युवकों ने पहले मरीजों को दिया रक्त, फिर मनाया प्रकाश पर्व
मंगलवार को सिख धर्म के पहले गुरु गुरुनानकदेवजी का 550वा प्रकाश पर्व था। कार्यक्रम में जुटे सिख युवकों को जब रक्त की कमी से जूझ रहे मरीज की जानकारी मिली, तो अमरदीपसिंह सिख ने प्राईवेट हॉस्पिटल पहुंचकर वहां भर्ती मरीज के लिए रक्त दिया। वहीं नावनी निवासी मनदीपसिंह और बलबिंदरसिंह सिख ने भी अस्पताल में पहुंचकर पहले रक्तदान किया और फिर गुरुद्वारे में पहुंचकर प्रकाश पर्व मनाया। बलबिंदरसिंह ने अस्पताल में भर्ती मरीज राजपाल के लिए ए पॉजीटिव रक्त दिया।
Published on:
13 Nov 2019 01:17 pm
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