
पुलिस टीम द्वारा सीज की गई बाइकें।
अशोकनगर. कम कीमत पर बाइक व स्कूटी दिलाने का लोभ देकर श्रीराम फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने करीब दो करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की और 200 लोगों को शिकार बनाया। कम कीमत के नाम पर लोगों से रुपए लेकर बाइक दिलाई, रुपए खुद रख लिए व बाइक फायनेंस कर दीं। जब किस्तें जमा नहीं हुईं तो बाइक सीज कर लीं और कुछ बाइक परिचितों को बेच दीं।
यह खुलासा किया है सिटी कोतवाली ने। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने श्रीराम फायनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर रोहित योगी एवं स्टाफ के राजा गुप्ता, निशांत भार्गव व अभिषेक शर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक ब्रांच मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों ने लोगों से रुपए लेकर खुद ही रख लिए, लोगों से दस्तावेज लेकर उन बाइकों को कंपनी में फायनेंस कर दिया। बाद में उन बाइक को सीज कर परिचितों को बेच दिया। लेकिन लोगों से लिए गए रुपए और वाहन सीज की राशि को जमा न कर इन कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की थी। इससे पुलिस ने ब्रांच मैनेजर रोहित योगी व राजा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
ऐसे हुआ खुलासा: बाइक सीज हुईं तो कोतवाली पहुंचे लोग-
सिटी कोतवाली प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बाइक खरीदने के बाद लोग यह समझ रहे थे कि उन्होंने तो नगद रुपए देकर कम कीमत में बाइक खरीदी हैं, लेकिन जब कंपनी से नोटिस आए कि आपने फायनेंस की किस्तें जमा नहीं की हैं और बाइकों को सीज करने की कार्रवाई कर दी। इसकी शिकायत करीब दो सैंकड़ा लोगों ने एसपी कार्यालय व सिटी कोतवाली पहुंचकर की, तो एसपी के निर्देश पर 21 जनवरी को ब्रांच मैनेजर सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया और जांच में इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
हर 15-20 दिन में हाईकोर्ट जा रहा मामले का स्टेटस-
कोतवाली पुलिस के मुताबिक मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब तक 15 बाइक बरामद कर ली गई हैं। प्रकरण दर्ज होने से आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत नहीं दी, लेकिन हर 15-20 दिन में मामले का स्टेटस हाईकोर्ट द्वारा लिया जा रहा है। इससे पूरे मामले की जानकारी का अपडेट हाईकोर्ट भेजा जा रहा है। साथ ही एएसपी प्रदीप पटेल व एसडीओपी संजय चतुर्वेदी भी मामले पर नजर रखे हुए हैं और रोजाना की अपडेट ले रहे हैं।
मामले में यह भी खास-
- कोरोना काल में लोगों को कम कीमत में बाइक दिलाने का लोभ देकर नगदी रुपए लिए और रुपए खुद रखकर बाइक को फाइनेंस कर दिया।
- कई लोगों से रुपए लिए गए, लेकिन कंपनी में उनकी किस्तें जमा नहीं की गईं। साथ ही रुपए खुद रखकर धोखाधड़ी की वारदात की।
- साथ ही कंपनी के कर्मचारियों ने कुछ लोगों को पर्सनल लोन पर भी बाइक दिलाई थीं और उनसे रुपए वसूल कर लिए थे।
- लोग यह समझते रहे कि उन्होंने पैसा दे दिया है, लेकिन जब कंपनी का नोटिस आया कि किस्त जमा नहीं की तो धोखाधड़ी का पता चला।
वर्जन-
कोरोना काल में कम कीमत में बाइक दिलाने का लोभ देकर श्रीराम फायनेंस कर्मचारियों ने लोगों से रुपए लेकर रख लिए व बाइक को फायनेंस कर दिया। बाद में उन्हीं बाइकों को सीज कर दिया और परिचितों को बेच दिया। 15 बाइक बरामद कर चुके हैं व दो लोग गिरफ्तार हो गए हैं। हर 15-20 दिन में मामले का स्टेटस हाईकोर्ट भी जा रहा है।
नरेंद्र त्रिपाठी, प्रभारी कोतवाली अशोकनगर
Published on:
09 Apr 2022 09:49 pm
बड़ी खबरें
View Allअशोकनगर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
