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जज्जी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त तो कांग्रेस ने की आतिशबाजी, धारा 144 हुई लागू

जाति प्रमाण पत्र मामला: पहले पिछड़ा वर्ग और अब हाइकोर्ट ने निरस्त किया अजा प्रमाण पत्र।

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Jajji's caste certificate canceled

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अशोकनगर. भाजपा विधायक जजपालसिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को हाइकोर्ट ने निरस्त कर जब्त कर लिया है व 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। साथ ही एसपी को एफआइआर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं रजिस्ट्रार को आदेश दिया है कि तुरंत आदेश की प्रति विधानसभा अध्यक्ष को आगामी कार्रवाई के लिए भेजें। इस आदेश के बाद शहर में कांग्रेसियों ने आतिशबाजी की व मिठाई बांटी, साथ ही सोशल मीडिया पर पोस्टों का दौर शुरु हो गया। इससे कलेक्टर ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी ने विधायक जजपालसिंह जज्जी के जाति प्रमाणपत्र के खिलाफ मप्र हाइकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका लगाई थी। जिस पर सोमवार को हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया। जब इस मामले की जानकारी मिली तो सोशल मीडिया पर विरोध व समर्थन में पोस्टें करने का दौर शुरु हो गया। वहीं शाम को करीब एक दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने गांधी पार्क पर आतिशबाजी की और मिठाई बांटी, करीब 15 मिनिट चले इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी व मिठाई बांटने का कारण नहीं बताया। वहीं शाम को कलेक्टर आर उमा महेश्वरी ने जिले में धारा 144 लागू कर दी।
यह है पूरा मामला-
वर्ष 2018 में जजपालसिंह जज्जी ने कांग्रेस के टिकिट पर अशोकनगर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा व भाजपा के पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी को हराया था। अशोकनगर सीट अनुसूचित जाति वर्ग को आरक्षित थी, इससे लड्डूराम कोरी ने जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। वर्ष 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जज्जी भाजपा में शामिल हो गए थे और उपचुनाव में फिर अशोकनगर विधानसभा से विधायक बने। जाति प्रमाण पत्र की उच्च स्तरीय जाति जांच समिति ने जांच कर 18 दिसंबर 2019 को जज्जी के नट जाति के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को सही माना था, उच्च स्तरीय जाति जांच समिति के आदेश को हाइकोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
आगे इस कार्रवाई के दिए निर्देश-
हाइकोर्ट ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश की प्रति तुरंत विधानसभा अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट के माधुरी पाटिल केस मामले की तरह कार्रवाई करने के लिए भेजें। वहीं अशोकनगर एसपी को निर्देश दिए हैं कि अमृतसर के तरनतारन तहसील के खारा गांव की वर्ष 1964-65 की जमाबंदी(खसरा) की व्यक्तिगत रूप से जांच करें कि वह जमाबंदी अस्तित्व में है या नहीं, क्योंकि इस मामले में इस जमाबंदी के दस्तावेज का उल्लेख है और यह भी निर्देश दिए हैं कि वह यह भी सत्यापित करें कि जो दस्तावेज दिए हैं वह सही हैं या नहीं।
यह भी खास-
- वर्ष 1994 में जजपालसिंह जज्जी सामान्य सीट से जनपद सदस्य का चुनाव जीते थे।
- 1999 में जज्जी कीर जाति के पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र के आधार पर नपाध्यक्ष का चुनाव जीते।
- 2018 में जज्जी नट जाति के अनसूचित जाति के प्रमाण पत्र से चुनाव लड़कर विधायक बने।
- 2020 में भी जज्जी नट जाति के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र से चुनाव लड़कर विधायक बने।
धारा 144 लागू तो जिले में यह लगे प्रतिबंध-
- कोई भी जिले की राजस्व सीमाओं में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना जुलूस, रैली, प्रदर्शन, आमसभा व धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेगा।
- किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र, ढ़ोल-धमाकों, वाद्ययंत्रों का उपयोग बिना एसडीएम की पूर्व लिखित अनुमति के नहीं किया जाएगा।
- लोक शांति व मानव जीवन सुरक्षा को देखते हुए आग्रेय शस्त्रों एवं अन्य घातक हथियारों का प्रदर्शन प्रतिबंधित किया जाता है।
- कोई भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश, चित्र, वीडियो-ऑडियो व धार्मिक, सामाजिक, जातिगत व्यक्तिगत आपत्तिजनक व अश्लील पोस्ट नहीं करेगा।
- बोरवेल खनन के बाद गड्ढ़ा व केसिंग पाइप खुला छोडऩे पर प्रतिबंध रहेगा, जिले में फसल की नरवाई जलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
वर्जन-
अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे, जिसके लिए याचिका दायर की थी, जिस पर न्याय मिला है। आगे जो स्थिति बनेगी, उस हिसाब से काम करेंगे। एक इलेक्शन पिटीशन भी चल रही है, जिसमें 9 जनवरी की तारीख लगी है।
लड्डूराम कोरी, याचिकाकर्ता

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