अशोकनगर. राम प्रसाद बिस्मिल एक ब्राह्मण और अशफाक उल्ला खान पांच वक्त के नमाजी थे। दोनों देश की आजादी के लिए धार्मिक बंधनों से मुक्त होकर बेमिसाल दोस्ती के आदर्श बने। लेकिन आज की सत्तारूढ़ पार्टियां लोगों को संगठित नहीं होने दे रही हैं।
यह बात आल इंडिया डीएसओ के प्रदेश अध्यक्ष मुदित भटनागर ने रसीला चौराहे पर आयोजित सांझी शहादत-सांझी विरासत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।कार्यक्रम में काकोरी घटना पर आधारित नाटक का मंचन किया गया।जिसमें काकोरी ट्रेन डकैती व उसमें शामिल क्रांतिकारियों की आपसी मित्रता व अंग्रेजी हुकूमत द्वारा उन्हें फांसी दिए जाने के दृश्य की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही नृत्य नाटिका के माध्यम से सांप्रदायिक माहौल व महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम में सांझी शहादत-सांझी विरासत, मंदिर-मस्जिद एक हमारी और एक उनकी, लहरों से डरकर नौका आदि गीतों की प्रस्तुतियां भी दी गईं।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि क्या शहीदों के सपने पूरे हुए, क्या आज देश की जनता आजाद है, अगर नहीं तो जो लड़ाईउन्होंने लड़ी, वहीं लड़ाईहमें भी लडऩी होगी। यह जिम्मेदारी हम सबको मिलकर उठानी होगी।कार्यक्रम को भगतसिंह यादगार मंच के सुरेन्द्र रघुवंशी, डीवायओ के सिद्धांत साहू, एआईडीएसओ के सचिन जैन, बबीता समर, सावन बैरागी ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन देवेन्द्र बिजौरे ने किया।